देश को बूथ कब्जा देने वाले बिहार की नई तकनीक से गुजरात में विधानसभा चुनाव, कई राज्य फैन बने

Nawab Ali, Last updated: Wed, 24th Nov 2021, 11:41 AM IST
  • बिहार पंचायत चुनाव में इस्तेमाल किया गया मॉडल अब अन्य कई राज्यों को पसंद आ रहा है. बिहार पंचायत चुनाव में इस्तेमाल की गई नई तकनीक को देखने के लिए कई राज्यों की निर्वाचन टीम ने बिहार पहुंच कर जानकारी ली है. एक समय पर बिहार देश को बूथ कब्जा देने के लिए जाना जाता था और इसकी एक अब नई तकनीक के कई राज्य फैन बन गए हैं.
बिहार पंचायत चुनाव प्रबंधन के मुरीद हुए कई राज्य. सांकेतिक फोटो

पटना. बिहार पंचायत चुनाव 2021 के प्रबंधन की देशभर में सराहना हो रही है, इतना ही नहीं चुना प्रबंधन की जानकारी लेने के लिए कई राज्यों की टीमें बिहार में जा चुकी है. हाल ही में बिहार पंचायत चुनाव की तैयारियों के मॉडल को देखने के लिए दिल्ली और चंडीगढ़ की टीमें पहुंची हैं, इससे पहले गुजरात और ओडिशा से भी राज्य निर्वाचन आयोग की टीम पंचायत चुनाव में इस्तेमाल की जा रही तकनीक के उपयोग को देखकर लौटी हैं. इस बार पंचायत चुनाव में बिहार राज्य निर्वाचन आयोग ने कई ऐसी तकनीकों का इस्तेमाल किया है जिसने अन्य कई राज्यों को हैरान करा दिया है. बिहार को देश को बूथ कब्जा देने वाला राज्य कहा जाता था. ऐसे में बिहार की नई तकनीक से गुजरात में विधानसभा चुनाव होना बड़ी उपलब्धि है और इसके कई राज्य फैन हो गए हैं.

बिहार में पंचायत चुनाव के लिए पहली बार ओसीआर मशीन का प्रयोग किया गया हैं, इसके आलावा मतदाताओं की पहचान के लिए बायोमेट्रिक मशीन और मतदान के समय लाइव वेबकास्टिंग व्यवस्था की गई है. इन तकनीक का इस्तेमाल बाकि अन्य राज्यों की निर्वाचन आयोग की टीमों को काफी पसंद आया है जिस वजह से से कई राज्यों की टीमें बिहार का रुख कर रही हैं. बिहार पंचायत चुनाव में पहली ओसीआर मशीनों का प्रयोग किया गया है जिनके जरिये मतगणना के समय किस ईवीएम से कितना वोट किसे मिला है इसकी लाइव जानकारी मिल सकती है. 

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इन तकनीक को देखने के बाद ओडिशा और गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए इन राज्यों ने नई तकनीक का इस्तेमाल करने पर सहमति जताई है. बिहार में अधिकारियों का कहना है कि बिहार में नई तकनीक काफी कारगर साबित हुई है. फर्जी मतदाताओं को रोकने के लिए बायोमेट्रिक मशीनों का इस्तेमाल किया गया है.  

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