बिहार में पंचायती राज विभाग के कर्मचारियों की मांग- पंचायत चुनाव ड्यूटी से करें मुक्त

Mithilesh Kumar Patel, Last updated: Sat, 18th Sep 2021, 8:40 PM IST
  • बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग ने राज्य चुनाव आयोग से पत्र के जरिए मांग की है कि विभागीय कर्मचारियों को पंचायत चुनाव के कामकाज में ड्यूटी पर न लगाया जाए. साथ हीं आयोग से इस संबंध में जल्द से जल्द आधिकारिक निर्देश जारी करने का आग्रह किया है. 
फाइल फोटो : पंचायती राज विभाग की राज्य चुनाव आयोग से पंचायत चुनाव में ड्यूटी न लगाए जाने की मांग (प्रतिकात्मक फोटो)

बिहार पंचायती राज विभाग के कामकाज में लगे पदाधिकारियों और कर्मचारियों को सूबे में होने वाली आगामी पंचायत चुनाव में ड्यूटी पर न लगाने की मांग की है. इस मांग के साथ पंचायती राज विभाग ने बिहार राज्य चुनाव आयोग को पत्र भेजा है. विभाग का कहना है कि कर्मचारियों की चुनाव में ड्यूटी लगाए जाने से विभागीय कामकाज में बाधा आएगी. इसलिए पंचायती राज विभाग ने चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि विभागीय कर्मचारियों को चुनावी कामकाज से मुक्त रखने के संबंध में आयोग अपने स्तर पर जल्द से जल्द आधिकारिक निर्देश जारी करे.

बता दें कि विभाग के निदेशक डॉ रणजीत कुमार सिंह ने आयोग को लिखे पत्र में कहा है कि पंचायत चुनाव के संचालन के लिए राशि की व्यवस्था करने समेत अन्य महत्वपूर्ण कार्य विभागीय स्तर से किये जा रहे हैं. पंचायती राज विभाग इस चुनाव का नोडल विभाग है. ऐसे में चुनावी कामकाज में इन कर्मियों की ड्यूटी लगने से विभाग के अन्य कामकाज प्रभावित होंगे.

गौरतलब है कि पंचायतों में पहले से स्वीकृत और विभिन्न चालू योजनाओं के कामकाज की जिम्मेदारी पंचायत राज विभाग कर्मचारियों के कंधे पर है. सभी जिलों के पंचायती राज पदाधिकारियों और विभागीय कर्मियों के जिम्में नल-जल और गली-नाली पक्कीकरण निश्चय योजना से वंचित रह गए बसावटों और टोले के कैंडिडेट को लाभान्वित करने संबंधित निर्देश दिए गए हैं. इन योजनाओं का निरंतर लाभ लोगों को मिलता रहे, इस संबंध में विभाग की तरफ से योजनाओं और लाभार्थियों की मॉनिटरिंग करने का निर्देश भी जारी हुआ है. मॉनिटरिंग करने को लेकर विभाग ने अनुरक्षण नीति भी बनायी है, जिसके मुताबिक सभी पंचायती राज विभाग के कर्मचारियों का दायित्व तय कर दिया गया है.

इस बार बिहार में 533 ब्लाकों और 8072 पंचायतों के 2,55,022 पदों के लिए पंचायत चुनाव कुल 11 चरणों में आयोजित किए जाएंगें. यह चुनाव 24 सितंबर से शुरू होकर 12 दिसंबर तक खत्म हो रहे हैं. पहले चरण के चुनाव के लिए नामांकन सितंबर के पहले सप्ताह से  शुरू हुआ था.

 

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