पटना: सहजन के पत्ते का पाउडर जाएगा विदेश, किसानों को 50 हजार एकड़ का अनुदान

Ankul Kaushik, Last updated: Mon, 10th Jan 2022, 10:45 AM IST
  • पटना में अब 100 एकड़ में सहजन की खेती करने की योजना है. माना जा रहा है कि पटना के औषधीय गुणों से भरपूर सहजन के पत्ते का पाउडर बनाकर विदेश भेज जाएगा. बता दें कि यूरोपियन देशों में सहजन के पत्ते से बने पाउडर की बहुत मांग है. इसके साथ ही किसानों को इसकी खेती के लिए 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मिलेगा.
सहजन के पत्ते

पटना. हरित सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन संघ सहजन के पत्ते की प्रोसेसिंग कर पाउडर बनाएगा और इसके लिए पटना में वह 100 एकड़ में सहजन की खेती कराने की योजना बना रहा है. इतना ही नहीं ओषधीय गुणों से भरपूर सहजन के पत्ते का पाउडर विदेश भेजा जाएगा. सहजन के पत्ते के पाउडर को लेकर हरित सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन संघ के अध्यक्ष मनोज मेहता ने कहा कि सहजन की खेती के लिए किसानों को प्रति एकड़ 50 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा. इसके साथ ही पटना, नालंदा, समस्तीपुर और वैशाली में किसानों से सहजन की खेती करायी जाएगी. सहजन के पत्ते से पाउडर बनाने के लिए एक कंपनी से एमओयू होने वाला है और जल्द ही सहजन के पत्ते से बनने वाला यह पाउडर यूरोपीयन देशों में भी भेजा जाएगा.

सहजन की खेती से किसानों की आय में भी वृद्धि होगी क्योंकि विदेश में सहजन के पत्ते के पाउडर की अच्छी कीमत है. सहजन के पत्ते का पाउडर भारत में 800 रुपये किलो बिकता है और विदेशों में इसकी कीमत तीन गुना है. इससे विदेशों में बिहार का नाम होगा और सहजन की खेती के साथ राज्य में सहजन के कितने पेड़ हैं उसका भी सर्वे होने वाला है. बता दें कि सहजन के पत्तों में संतरे से 7 गुना ज्यादा विटामिन सी और केले से 15 गुना ज्यादा पोटैशियम पाया जाता है. इसके पत्ते शरीर को ठीक करने और मांसपेशियों में काफी मदद करते हैं. क्योंकि इमसें कैल्शियम, प्रोटीन, आयरन और अमीनो एसिड रहता है.

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वहीं बिहार में कोरोना को देखते हुए सहकारिता सचिव बंदना प्रेयसी ने वेजफेड को सब्जियों की होम डिलेवरी तेज करने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही विभाग के सचिव ने कहा कि कोराना काल में किसी व्यक्ति को सब्जी के लिए बाजार जाने की जरूरत न हो, ऐसी व्यवस्था वेजफेड को करनी होगी. इसके लिए विभाग ने नंबर जारी कर दिए हैं और अधिक से अधिक लोगों को समय पर सब्जियों की होम डिलेवरी की जाए.

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