गलत उम्र बताकर ले रहे हैं पेंशन तो नीतीश सरकार सूद समेत करेगी वसूली, दर्ज होगा FIR

Somya Sri, Last updated: Fri, 12th Nov 2021, 1:15 PM IST
  • बिहार में वे पेंशनकर्ता जो अपनी उम्र गलत बताकर मुख्यमंत्री वृद्धाजन पेंशन योजना के तहत पेंशन ले रहे हैं उनके खिलाफ नीतीश सरकार एफआईआर दर्ज करेगी. साथ ही सूद समेत पैसे का वसूली करेगी. बिहार सरकार ने इस संबंध में सभी जिलों के डीएम को निर्देश जारी कर दिया है. हाल ही में पटना में ऐसा ही एक फर्जीवाड़ा सामने आया था. जिसके बाद से प्रशासन अलर्ट है.
गलत उम्र बताकर ले रहे हैं पेंशन तो नीतीश सरकार सूद समेत करेगी वसूली, दर्ज होगा FIR (फोटो क्रेडिट फेसबुक नीतीश कुमार)

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने राज्य के पेंशनभोगियों को अलर्ट कर दिया है. प्रदेश में वे पेंशनकर्ता जो अपनी उम्र गलत बताकर पेंशन ले रहे हैं उनके खिलाफ बिहार सरकार एफआईआर दर्ज करेगी. साथ ही सूद समेत पैसे का वसूली करेगी. बिहार सरकार ने इस संबंध में सभी जिलों के डीएम को निर्देश जारी कर दिया है. हाल ही में राजधानी पटना में ऐसा ही एक फर्जीवाड़ा सामने आया था. जिसके बाद से ही प्रशासन अलर्ट है.

गौरतलब है कि बीते दिनों पटना में मुख्यमंत्री वृद्धाजन पेंशन योजना के तहत एक पेंशनकर्ता अपनी उम्र गलत बताकर पेंशन ले रहा था. मामले के प्रकाश में आने के बाद बिहार सरकार अलर्ट है. इसी सिलसिले में राज्य सरकार ने सभी डीएम के जिलों को पत्र लिखकर अभियान चलाने और ऐसे फर्जीवाड़ा को रोकने के लिए कदम उठाने को कहा है.

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सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है," पटना जिला में परिवाद की जांच के क्रम में पाया गया है कि कतिपय लोगों द्वारा जाली जन्म प्रमाण पत्र बनाकर और उसके बाद आधार कार्ड में जन्मतिथि सुधार का पेंशन के लिए आवेदना दिया गया है. विभाग द्वारा यह भी सूचित किया गया है कि 45 से 55 वर्ष के व्यक्ति भी आधार में अपनी उम्र 60 वर्ष या अधिक करवाकर उक्त योजना के तहत लाभ प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं."

आदेश में लिखा गया है, "ऐसे में जिन लाभुकों को मुख्यमंत्री वद्धजन पेंशन योजना के तहत पेंशन स्वीकृत किया गया है अथवा किया जाना है, उसकी वास्तविक उम्र सत्यापित करने के लिए लाभुक व आवेदक के वोटर कार्ड में अंकित उम्र एवं आधार कार्ड में अंकित उम्र का मिलान कर एक वर्ष से अधिक का अंतर पाए जाने पर भौतिक सत्यापन किया जाना आवश्यक है." आगे लिखा है," सत्यापन के क्रम में यदि यह पाया जाता है कि किसी लाभुक द्वारा गलत तरीके से स्वीकृति पाई गई है, उस पर एफआइआर दर्ज करते हुए लाभुक की स्वीकृति रद करने के साथ सूद सहित पेंशन राशि की वसूली की जाए. साथ ही फर्जी करने वाले पेंशनधारियों के बैंक खाता से निकासी पर भी रोक लगाई जाए."

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