पटना में STET अभ्यर्थियों ने घेरा शिक्षा मंत्री विजय चौधरी का आवास, पुलिस का लाठीचार्ज

Smart News Team, Last updated: Tue, 29th Jun 2021, 5:53 PM IST
  • पटना में मंगलवार को STET के अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। जिसके बाद पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज कर दिया. साथ ही कई अभ्यर्थियों को हिरासत में ले लिया.
पटना में STET अभ्यर्थियों ने घेरा शिक्षा मंत्री विजय चौधरी का आवास पुलिस का लाठीचार्ज

पटना. राजधनी पटना में मंगलवार को एसटीईटी के अभ्यर्थयों ने बिहार शिक्षा मंत्री विजय चौधरी के आवास पर प्रदर्शन किया. साथ ही वहां प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों ने शिक्षा मंत्री से मिलने की मांग भी की. वहीं प्रोटेस्ट के कारण वहां पर लम्बा ट्रैफिक जाम भी लग गया. प्रदर्शन के दौरान पुलिस कर्मियों ने छात्रों को रोकने की और मानाने की कोशिश की. जब छात्र नहीं मने तपो पुलिस कर्मियों ने उनपर लाठी चार्ज कर दिया.

एसटीईटी के अभ्यर्थियों ने ये प्रदर्शन पटना के ईको पार्क के पास शुरू किया. वहां पर अभ्यर्थियों के इकठ्ठा होने से ट्रैफिक थप हो गया. साथ ही वहां पर लम्बा जाम जाम भी लग गया. जिससे गाड़ियों की लम्बी क़तर भी लग गया. जिसे देखते हुए पटना पुलिस ने अभ्यर्थयों को मानाने की कोशिश भी. जब अभ्यर्थी नहीं माने तो पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए लाठी चार्ज कर दिया. जिससे छात्रों के बीच में भगदड़ मच गई.

गर्दनीबाग में धरना देते STET के अभ्यर्थी

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इसके साथ ही पुलिस ने कई अभ्यर्थियों को अपने हिरासत में भी लिया. लाठीचार्ज को लेकर  एसटीईटी के अभ्यर्थयों ने गर्दनीबाग में भी धरने पर बैठ गये. शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने एसटीइटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के प्रदर्शन करने पर कहा कि वह गुमराह न हो. सरकार सबके हित को लेकर सतर्क है. नियुक्ति नियोजन इकाई द्वारा तैयार मेधा सूची से बनेगी. एसटीइटी तो मात्र पात्रता परीक्षा है. बता दे की एसटीईटी के पास हुए अभ्यर्थी नौकरी के मांग के लिए सरकार से मांग कर रहे है. जिसके लिए वह इससे पहले भी शिक्षा मंत्री और तेजस्वी यादव मिलकर अपनी बात रख चुके है.

STET के अभ्यर्थियों को हिरासत में ले जाती पुलिस

हिरासत में लिए गए एसटीईटी अभ्यर्थियों को पुलिस ने बाद में रिहा कर दिया. वहीं इन अभ्यर्थियों के रिहाई के दौरान आइसा राज्य सह सचिव आकाश कश्यप, पटना विवि छात्र संघ अध्य्क्ष मनीष यादव भी मौजूद रहे. साथ ही सचिवालय थाना में करीब 15 छात्र और सात लड़कियां शामिल थे. जिन्हे मजिस्ट्रेट से हुई बातचीत के बाद छोड़ दिया. वहीं अब इन अभ्यर्थियों को  पीयू के छात्र संघटनों का भी पुरजोर समर्थन मिल रहा है.

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