बिहार में पुलिस छवि सुधारने की तैयारी, आरोप बर्खास्तगी लायक तो तावरित कार्रवाई

Smart News Team, Last updated: 01/12/2020 04:14 PM IST
  • बिहार के पुलिस अधिकारियों और जवानों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की समीक्षा होगी. मामला बर्खास्तगी के लायक होगा और आरोपों से जुड़े साक्ष्य मौजूद हैं तो ऐसे मामलों को हरगिज लंबित नहीं रखा जा सकता. इसपर तुरंत कार्रवाई करनी होगी.
बिहार में पुलिस छवि सुधारने की तैयारी ! आरोप बर्खास्तगी लायक तो तावरित कार्रवाई

पटना: मुख्यालय ने रेंज आईजी से लेकर एसपी तक को विभागीय कार्यवाही की समीक्षा के आदेश दिए हैं. इसके तहत सभी लंबित विभागीय कार्यवाही की समीक्षा वरीय पुलिस अधिकारियों द्वारा की जाएगी. विभागीय कार्यवाही के वैसे मामले जिसमें बर्खास्तगी की कार्रवाई अपेक्षित है और आरोपों के मद्देनजर साक्ष्य मौजूद हैं उसे तुरंत निपटाने के आदेश दिए गए हैं. यानी गंभीर आरोपों में यदि बर्खास्तगी का मामला बनता है तो उसे किसी भी स्थिति में लंबित नहीं रखा जाएगा.

बिहार के पुलिस अधिकारियों और जवानों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की समीक्षा होगी. मामला बर्खास्तगी के लायक होगा और आरोपों से जुड़े साक्ष्य मौजूद हैं तो ऐसे मामलों को हरगिज लंबित नहीं रखा जा सकता. इसपर तुरंत कार्रवाई करनी होगी। पुलिस मुख्यालय द्वारा सभी रेंज के आईजी-डीआईजी के साथ एसएसपी और एसपी को विभागीय कार्यवाही को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं.

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विभागीय कार्यवाही को लेकर आला कमान सख्त

पुलिसकर्मी की गलती पर निलंबन और विभागीय कार्यवाही होती है. आरोपों की गंगीरता के मद्देनजर सजा भी दी जाती है. कई दफे विभागीय कार्यवाही शुरू तो होती है पर अंजाम तक पहुंचने में उसे वर्षों लग जाता है. खासकर वैसे मामले लंबित रहते हैं जिसमें गंभीर सजा होने की आशंका रहती है. पुलिस मुख्यालय पिछले कुछ समय से विभागीय कार्यवाही के निपटारे को लेकर बेहद गंभीर है. नए आदेश के तहत सभी लंबित विभागीय कार्यवाही की समीक्षा के आदेश दिए गए हैं.

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इस तरफ के आरोप को समीक्षा की श्रेणी में रखा जाएगा।

पुलिस में विभागीय कार्यवाही के बाद दोषी पाए जाने पर कई तरह की सजा दी जाती है. इसमें ब्लैक मार्क, सेंसर (निंदन), वेतन वृद्धि पर रोक या कटौती शामिल होते हैं. पर नैतिक अधमता का मामला होने पर बर्खास्तगी की सजा दी जाती है. इसमें आपराधिक मामलों में शामिल होने के साथ भ्रष्टाचार से जुड़े मामले आते हैं.

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पुलिस विभाग की छवि साफ सुथरी करना है मकसद

लंबित विभागीय कार्यवाही की समीक्षा और बर्खास्तगी वाले मामलों में त्वरित कार्रवाई करने का मकसद साफ-सुथरी पुलिसिंग है. आला पुलिस अधिकारी के मुताबिक वैसे पुलिसकर्मी जिनपर गंभीर आरोप लगे हैं और वह प्रमाणित होता है तो उन्हें अविलंब सजा मिलनी चाहिए. ऐसा होने से पुलिसकर्मियों के बीच संदेश जाएगा. इससे बेहतर पुलिसिंग को बढ़ावा मिलेगा. यही वजह है कि जिन विभागीय कार्यवाही में बर्खास्तगी का मामला बनता है उन्हें जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं.

 

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