ASER Survey 2021: बिहार में बच्चों को घर पर स्टडी में मदद नहीं करते पेरेंट्स!

ABHINAV AZAD, Last updated: Sat, 27th Nov 2021, 10:18 AM IST
  • बिहार को एन्यूअल स्टेटस ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट (ASER) में 19वां स्थान मिला है. बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 62 फीसदी जबकि प्राइवेट स्कूलों के 76.1 फीसदी बच्चों को ही घर पर पढ़ाई में मदद मिल पाती है. इस मामले में छत्‍तीसगढ़, केरल और हिमाचल प्रदेश टॉप पर है.
(प्रतीकात्मक फोटो)

पटना. बिहार में पेरेंट्स घर पर बच्चों को स्टडी में मदद नहीं करते.... इस मामले में बिहार का देश में 19वां स्थान है. ये बात हम नहीं बल्कि एन्यूअल स्टेटस ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट ग्रामीण 2021 के सर्वे में सामने आई है. इस सर्वे की मानें तो बच्चों को सबसे ज्यादा हिमाचल के 84.8 प्रतिशत अभिभावक पढ़ाई में सहयोग करते हैं. जबकि केरल और छत्तीसगढ़ में आंकड़ा क्रमश: 81.4 व 83.1 प्रतिशत का है. इसके अलावा बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 62 प्रतिशत बच्चों को ही घरों में पढ़ाई में मदद मिल पाती है.

एन्यूअल स्टेटस ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट ग्रामीण 2021 के मुताबिक, प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले 76.1 प्रतिशत बच्चों को उनके अभिभावक पढ़ाई में मदद करते हैं. यह आंकड़ा सरकारी स्कूलों के मुकाबले बेहतर है. एन्यूअल स्टेटस आफ एजुकेशन रिपोर्ट ग्रामीण ने यह सर्वे छह से 16 वर्ष के बच्चों के बीच किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार स्कूल खुलने के साथ ही घर पर सहयोग कम हो रहा है, जो निजी विद्यालय नहीं खुले हैं, उनमें पढ़ने वाले 75.6 प्रतिशत बच्चों को घर में पढ़ने में अभिभावक सहयोग करते हैं. जबकि इसकी तुलना में जो स्कूल खुल गए हैं, उसके 70.4 प्रतिशत बच्चों को ही मदद मिल रही है. राज्य में ओवरआल 63.8 प्रतिशत बच्चों को ही अभिभावकों का साथ मिल पाता है.

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एन्यूअल स्टेटस ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट ग्रामीण 2021 के मुताबिक, छत्‍तीसगढ़, केरल और हिमाचल प्रदेश के अभिभावक अपनी बच्चों की पढ़ाई को लेकर सबसे ज्यादा गंभीर हैं. इन राज्‍यों में 80 फीसद से अधिक अभिभावक बच्‍चों को पढ़ाई में उनकी मदद करते हैं. जबकि आंध्र प्रदेश, झारखंड, राजस्‍थान, तमिलनाडू जैसे राज्‍यों का हाल बिहार से भी बुरा है. हालांकि पड़ोसी राज्‍य उत्तर प्रदेश और बंगाल का हाल बिहार से बेहतर है.

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