बिहार: पीएम किसान निधि की होगी सोशल ऑडिट, इन किसानों का कटेगा नाम

Naveen Kumar, Last updated: Mon, 21st Feb 2022, 12:09 PM IST
  • बिहार सरकार ने पीएम किसान निधि की सोशल ऑडिट करने का फैसला किया है. इसके तहत पता लगाया जाएगा कि किसान निधि योजना का लाभ सही किसानों को मिल रहा है या नहीं. इस सोशल ऑडिट में सभी तबके के किसानों को शामिल किया जाएगा.
फाइल फोटो

पटना. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को हर वर्ष 6000 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है. बिहार में भी किसान इस योजना का लाभ उठा रहे हैं. हालांकि, बहुत से किसान इन योजना से वंचित भी रह जाते हैं. ऐसे में अब सरकार ने पीएम किसान निधि की सोशल ऑडिट करने का फैसला किया है. सोशल ऑडिट (सामाजिक अंकेक्षण) के जरिये ये पता लगाया जाएगा कि किसान निधि का लाभ सही किसानों को मिल रहा है या नहीं. इस सोशल ऑडिट में सभी तबके के किसानों को शामिल किया जाएगा, जिसके जरिए योजना से जुड़े किसानों का सत्यापन किया जाएगा. 

कृषि सचिन डॉ एन. सरवण ने सभी जिला कलेक्टर को सोशल ऑडिट के लिए आदेश जारी किए हैं. गांव ढाणियों में किसानों की सही से सोशल ऑडिट के लिए पंचायत राज संस्थाओं की भी मदद ली जाएगी. अधिकारियों को दो महीने के अंदर सोशल ऑडिट की रिपोर्ट कृषि विभाग को भेजनी होगी. बता दें कि भागलपुर जिले में दो लाख से अधिक किसान इस योजना से लाभांवित हो रहे हैं. एडीएम के स्तर पर 2,61,167 किसानों को इस योजना के अंतर्गत शाामिल किया जाना था, लेकिन फिलहाल 2,61,068 किसानों को इस योजना का लाभ मिल रहा है. ऐसे में शेष 99 किसानों को भी इस योजना में शामिल कराने की कवायद की जाएगी.

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जिला कृषि पदाधिकारी कृष्ण कांत झा ने बताया कि 2018 में किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत हुई थी. योजना में योग्य भूमि रिकॉर्ड के साथ सभी रैयत किसान परिवार को शामिल​ किया जाना है. जो किसान इस योजना से वंचित है, ऐसे किसानों की पहचान की जाएगी और उन्हें योजना में शामिल किया जाएगा. इसके अलावा अपात्र किसानों की भी छंटनी की जाएगी. भागलपुर में एक मार्च से सोशल ऑडिट शुरू हो सकता है. सोशल ऑडिट में योजना से लाभ के लिए इस बार जमीन की अपडेट रसीद साइट पर अपलोड करना है. इसके अलावा आधार कार्ड के वेरिफिकेशन से इनकम टैक्स पेयी होने का सबूत मिलेगा. उस हिसाब से अपात्र किसानों का नाम काटा जाएगा.

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