घर के मंदिर में करते हैं बाहरी लोग पूजा तो देना होगा 4% टैक्स, कराना होगा रजिस्ट्रेशन

Somya Sri, Last updated: Mon, 29th Nov 2021, 12:31 PM IST
  • बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड के नए फैसले के मुताबिक अब राज्य में घरों के अंदर मन्दिर बनवाकर बाहरी लोगों को पूजा करने के लिए बुलाते हैं तो वो सार्वजनिक मन्दिर कहलायेगा. वहीं बिहार में अब हर सार्वजनिक मंदिर को रजिस्ट्रेशन कराना होगा. साथ ही 4 प्रतिशत टैक्स भरना होगा. धार्मिक न्यास बोर्ड इसके लिए 1 दिसंबर से अभियान चलाएगा. वहीं इसके लिए सभी जिलों के जिलाधिकारियों से रजिस्टर्ड मंदिरों की सूची भी मांगी गई है.
घर के मंदिर में करते हैं बाहरी लोग पूजा तो देना होगा 4% टैक्स, कराना होगा रजिस्ट्रेशन (फाइल फोटो)

पटना: अब बिहार में घरों के अंदर मन्दिर बनवाकर बाहरी लोगों को पूजा करने के लिए बुलाते हैं तो टैक्स भरना होगा. बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड के नए फैसले के मुताबिक अब बिहार में हर सार्वजनिक मंदिर को रजिस्ट्रेशन कराना होगा. साथ ही 4 प्रतिशत टैक्स भरना होगा. धार्मिक न्यास बोर्ड इसके लिए 1 दिसंबर से अभियान चलाएगा. साथ ही इसके लिए सभी जिलों के जिलाधिकारियों से यह रजिस्टर्ड मंदिरों की सूची भी मांगी गई है. खबर है कि अब तक केवल भोजपुर ने यह लिस्ट जारी कर दी है. 

वहीं बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के मुताबिक बिहार में 4600 रजिस्टर्ड मंदिर हैं. जो इस वक्त टैक्स भरते हैं. जबकि इसके अलावा राज्य में बड़ी संख्या में छोटे बड़े प्रमुख मंदिर हैं. जिनका रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है और वे टैक्स नहीं भरते हैं. हालांकि बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड के नए फैसले के मुताबिक बिहार के हर मन्दिर को अब रजिस्ट्रेशन कराना होगा और 4% तक टैक्स भरना पड़ेगा.

शराब के नशे में धुत स्टेट लेवल फुटबॉलर गिरफ्तार, गश्ती के दौरान पुलिस ने खदेड़ा

बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष एके जैन ने कहा कि, " बोर्ड की ओर से कुल 4,600 मंदिरों का निबंधन हुआ है. अभी भी राज्य के कई प्रमुख मंदिर हैं, जिनका निबंधन नहीं है. कुछ बड़े मंदिर निबंधन के बावजूद नियमित बोर्ड को टैक्स नहीं दे रहे हैं. पूर्व में निबंधित मंदिरों की जमीन के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए जिलाधिकारियों को विधि मंत्रालय की ओर से पत्र लिखा गया है. अब तक मात्र भोजपुर के लिए जिलाधिकारी ने कुछ मंदिरों की जमीन के बारे में जानकारी मुहैया कराई है. अन्य जिलों के डीएम को भी निर्देश दिया गया है कि जल्द से जल्द मंदिरों की जमीन के बारे में जानकारी मुहैया कराएं."

पटना: डॉक्टर ने पत्नी को दिया तलाक, काउंसलिंग के बाद फिर एक हुए दंपत्ति

वहीं धार्मिक न्यास बोर्ड के सदस्य और महंत विजय शंकर गिरि ने कहा कि, " हालात बहुत ही स्पष्ट हैं कि जिन मंदिरों में बाहरी लोग आकर पूजा-अर्चना करते हैं, वो सभी सार्वजनिक पूजा स्थलों के तौर पर गिने जाएंगे. फिर चाहे वह मंदिर किसी घर के अंदर ही क्यों न हो. इन सभी को अपना पंजीयन कराने के बाद टैक्स देना पड़ेगा."

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें