राजगीर और मंदार पर्वत के बाद बिहार में इन स्थानों पर बनेगा रोप-वे, पर्यटन विभाग ने दी जानकारी

Sumit Rajak, Last updated: Sun, 12th Dec 2021, 12:10 PM IST
  • बिहार में पर्यटन स्‍थलों के विकास के लिए सरकार लगातार काम कर रही है.पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए वैशाली, कैमूर जिले के मुंडेश्‍वरी, रोहतासगढ़, गया समेत कई स्‍थलों पर लगातार काम हो रहे है. बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के सचिव संतोष मल्ल ने कहा कि वैशाली में बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय को 300 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जा रहा है.
फाइल फोटो

 पटना. बिहार में पर्यटन स्‍थलों के विकास के लिए सरकार लगातार काम कर रही है. वहीं राजगीर में पर्यटकों की रुचि को बढ़ाने वाले कई का भी किए जा रहे है. पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए वैशाली, कैमूर जिले के मुंडेश्‍वरी, रोहतासगढ़, गया समेत कई स्‍थलों पर लगातार काम हो रहे है. बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के सचिव संतोष मल्ल ने कहा कि वैशाली में बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय को 300 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जा रहा है. उन्‍होंने दिल्‍ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ये भी कहा कि गया के प्रेतशिला, मुंडेश्वरी, रोहतास गढ़, वाणावर स्थानों पर रोपवे का काम जारी है. वहीं बोधगया में भव्य अतिथिशाला का भी निर्माण किया जा रहा है.

सचिव ने कहा कि वाल्मीकि नगर में इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा. साथ ही राजगीर और मंदार पर्वत पर रोपवे चालू हो चुका है. इसके अलावा राजगीर में जंगल सफारी का उद्घाटन भी होगा. उन्होनें कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बौद्ध सर्किट, रामायण सर्किट, सिख सर्किट सहित अन्य सर्किट को भी पर्यटन से जोड़ा जा रहा है.  'भोजपुरी का परिचय और सभ्यता' विषय पर आयोजित कार्यक्रम में मल्‍ल ने बताया कि भोजपुरी भाषा और इसकी संस्कृति का इतिहास बहुत पुराना है. उन्‍होंने बताया कि मैथिली, अंगिका, बज्जिका, मगही सहित अन्य मातृभाषा में कार्यक्रम का आयोजन आने वाले दिनों में बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम की ओर से की जाएगी.

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इंडिया इंटरनेशनल दिल्ली के निदेशक केएन श्रीवास्तव ने भोजपुरी फिल्मों के बारे में बताया कि वर्तमान की फिल्में अपने संस्कार से भटक गई है. फिल्मों में अश्लीलता चरम आ गई है. ऐसे में फिल्म कलाकारों से आग्रह है कि अपनी सभ्यता और संस्कृति को बचाए रखने में योगदान दें. फिल्म अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने लौंडा नाच के बारे में बताया कि आज इन कलाकारों की स्थिति काफी खराब है. भारत सरकार के हाउसिंग बोर्ड के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने बताया कि बिहार संग्रहालय अपनी विरासत को संभाल रहा है. आइएएस अधिकारी गंगा कुमार ने का कहना है कि आने वाले समय में इस प्रकार के कई आयोजन किए जाएंगे. इस कार्यक्रम में विभिन्न भाषा, संस्कृति पर बात होगी. इस कार्यक्रम में स्वागत भाषण पंकज श्रेयस्कर ने किया है.

 

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