बिहार परिवहन विभाग का आदेश- दूसरे जिलों में जाकर नहीं बनेगा स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस

Haimendra Singh, Last updated: Mon, 24th Jan 2022, 1:52 PM IST
  • बिहार परिवहन विभाग ने स्थायी डाइविंग लाइसेंस बनवाने के नियम में बदलाव किया है. अब आवेदक उसी जिलें लाइसेंस बनवाना पड़ेगा, जहां से उन्होंने लर्निंग लाइसेंस बनवाया है. पहले आवेदक आनलाइन ड्राइविंग टेस्ट देने के बाद अन्य जिलों से लाइसेंस बनवा लेते थे.
दूसरे जिलों में जाकर स्थायी डाइविंग लाइसेंस नहीं बनवा सकेंगे आवेदक.( प्रतीकात्मक फोटो )

सविता, पटना

बिहार में बढ़ते सड़क दुर्घटनाओं के मामलों की बीच परिवहन विभाग ने ड्राइविंग लाइसेंस(Driving License) बनाने के नियमों में बदलाव किया गया है, अब आवेदक ने जिस जिले में लर्निंग लाइसेंस बनाया है, वहीं से उससे स्थायी लाइसेंस बनवाना पड़ेगा. विभाग न अन्य जिलों से लाइसेंस बनाने का विकल्प खत्म कर दिया है. इस संबंध में परिवहन विभाग ने सभी जिलों के जिला परिवहन अधिकारी को पत्र लिखकर सॉफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव करने का आदेश दिया है. पहले आवेदकों को परिवहन विभाग की वेबसाइट पर जाकर लर्निंग लाइसेंस के बाद कहीं से भी स्थायी लाइसेंस बनाने का ऑप्सन था. इसी कारण आवेदक ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्ट वालें केंद्र पर जाकर लर्निंग लाइसेंस बनाते थे, उसके वह दूसरे जिलों में जाकर बिना टेस्ट दिये, स्थायी लाइसेंस बना लेते थे.

परिवहन विभाग ने बताया ट्रेफिक नियमों की सही से जानकारी न होने से वाहन चालक गाड़ी चलाना सीखते समय दुर्घटनाग्रस्त कर देते है. सभी जिलों के डीटीओ और एमवीआई को लिखे पत्र में विभाग ने कहा कि वाहन दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से सड़क सुरक्षा के संबंध में कई पहल किये जा रहे हैं. सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा में यह तथ्य सामने आए है कि दुर्घटनाओं का मुख्य कारण वाहन चालकों का पूर्ण प्रशिक्षित नहीं होना है. विभाग ने बताया है कि हादसों को कम करने के लिए सभी जिलों में पर्याप्त संख्या में मोटरवाइन प्रशिक्षण संस्थान और खोले जाने की दिशा में काम किया जाएगा.

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दूसरे जिले के हजारों आवेदक फंस गए 

विभाग के फैसले के बाद लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले हजारों आवेदक फंस गए है. मिली जानकारी के अनुसार, पटना में तीन जनवरी से लेकर 15 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन का ऑप्सन सहित ऑनलाइन टेस्ट का भी स्लॉट बुक नहीं हो रहा था, जिससे कारण हजारों आवेदक जिनका लर्निंग लाइसेंस फेल हो रहा था, उन्होंने दूसरे जिलों में जाकर स्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन कर दिया है. बता दें कि स्थायी लाइसेंस के लिए 23 सौ रुपये का चालान कटाना पड़ता है. स्लॉट बुक कराने का अलग से 50 रुपये देने पड़ते हैं.

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