बिहार में कोरोना बेकाबू, विश्वविद्यालयों में 31 मई तक गर्मियों की छुट्टी का आदेश

Smart News Team, Last updated: Fri, 30th Apr 2021, 7:47 PM IST
  • बिहार के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में गर्मियों की छुट्टी 1 मई से 31 मई तक रहेगी. इससे पहले ये छुट्टी 1 जून से 30 जून तक घोषित की गई थी. इस बारे में राज्यपाल सह कुलाधिपति ने शुक्रवार को आदेश जारी किया है.
बिहार के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में गर्मियों की छुट्टी 1 मई से 31 मई तक रहेगी. प्रतीकात्मक तस्वीर

पटना. बिहार में कोरोना से हालात भयावह होते जा रहे हैं. हर रोज कोरोना से कई लोग अपनी जान गंवा रहे हैं. इसी बीच बिहार के विश्वविद्यालयों में गर्मियों की छुट्टी के लिए फैसला हुआ है. बिहार की सभी यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों में 1 मई से 31 मई तक गर्मियों की छुट्टी रहेगी. इससे पहले ये छुट्टी 1 जून से 30 जून तक निर्धारित थी.

बिहार में पूरी मई विश्वविद्यालयों में गर्मियों की छुट्टी रहेगी. राज्यपाल सह कुलाधिपति ने शुक्रवार को ये आदेश जारी किया है. आपको बता दें कि कोरोना के चलते नीतीश सरकार ने 15 मई तक कॉलेज और विश्वविद्यालय समेत सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का फैसला किया है. इस दौरान विश्वविद्यालय में कोई परीक्षा भी नहीं ली जाएगी.  आपको बता दें कि शुक्रवार को बिहार सरकार के मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह की कोरोना से मौत हो गई है. 

15 मई तक बंद रहेगा बिहार विधानसभा सचिवालय, बहुत जरूरी काम के लिए होगी छूट

मुख्य सचिव के निधन पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट्वीट करते हुए कहा कि मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह की कोरोना संक्रमण से हुई मौत अत्यंत दुखद है. अरुण कुमार सिंह 1985 बैच के बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी थे. सीएम ने कहा कि अलग-अलग पदों पर रहते हुए उन्होंने अपनी भूमिका का बेहतर निर्वहन किया था. उनके निधन से प्रशासनिक अपूरणीय क्षति हुई है. उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा.

बिहार सरकार का फैसला, कोरोना से सरकारी कर्मियों की मौत पर मिलेगी फैमिली पेंशन

आपको बता दें कि बिहार में 15 हजार 853 नए कोरोना संक्रमितों की पहचान की गई है. जिसमें से सबसे ज्यादा राजधानी पटना में 2 हजार 844 कोरोना केस सामने आए हैं. वहीं बेगूसराय में 786, नालंदा में 881, मुजफ्फरपुर में 638, पूर्णिया में 613 और समस्तीपुर में 500 नए कोरोना संक्रमितों की पहचान की गई है.

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें