BJP सहयोगी संजय निषाद ने राम को बताया श्रृंगी ऋषि का पुत्र, कहा- खीर खाने से बच्चे नहीं होते

Atul Gupta, Last updated: Tue, 9th Nov 2021, 3:00 PM IST
  • बीजेपी की सहयोगी निषाद पार्टी के चीफ संजय निषाद ने भगवान राम को लेकर विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भगवान राम के पिता दशरथ नहीं बल्कि श्रृंगी ऋषि निषाद थे. उन्होंने कहा कि खीर खाने से बच्चा पैदा नहीं होता. उन्होंने ये भी कहा कि भगवान राम का जन्म नियोग विधि से हुआ था.
निषाद पार्टी प्रमुख संजय निषाद (फाइल फोटो)

लखनऊ. यूपी में बीजेपी के सहयोगी दल निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद ने भगवान राम को लेकर घोर विवादित बयान देकर सनसनी मचा दी है. संजय निषाद ने कहा कि भगवान राम राजा दशरथ के नहीं बल्कि श्रृंगी ऋषि निषाद के पुत्र थे और उनका जन्म नियोग विधि से हुआ था क्योंकि खीर खाने से बच्चा पैदा नहीं हो सकता. संजय निषाद के ने भगवान राम को राजा दशरथ के तथाकथित पुत्र बताते हुए कहा कि निषाद राज और भगवान राम का जन्म मुखौटा घाट पर हुआ था.

भगवान राम को लेकर संजय निषाद के बयान से बवाल मच गया है. अयोध्या का संत समाज संजय निषाद के बयान से काफी नाराज है और उन्होंने बीजेपी से कहा है कि वो निषाद पार्टी से तुरंत अपना गठबंधन खत्म करे. संत समाज का कहना है कि अगर बीजेपी निषाद पार्टी से गठबंधन खत्म नहीं करती है तो उन्हें भी नुकसान हो सकता है.

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रामलला के प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि संजय निषाद ने भगवान राम के लिए जिस तरह की टिप्पणी की है वो घोर निंदनीय है उन्होंने इसे भगवान राम और उनके भक्तों का घोर अपमान करार देते हुए बीजेपी से अपील की है कि वो निषाद पार्टी से तुरंत अपना गठबंधन खत्म करे. हालांकि बीजेपी की तरफ से संजय निषाद के इस बयान पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

क्या होती है नियोग विधि?

संजय निषाद का कहना है कि भगवान राम का जन्म नियोग विधि से हुआ था. मनु स्मृति के अनुसार पति अगर संतान उत्पन्न करने में असमर्थ हो तो पत्नी पति की इच्छा से किसी योग्य पुरुष से नियोग द्वारा संतान प्राप्त कर सकती है. नियोग विधि की शर्त यही है कि वह व्यक्ति सम्मानीय पुरुष होना चाहिए.

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