बीजेपी के सहयोगी जीतन राम मांझी ने वाल्मीकि को बताया भगवान राम से बड़ा संत

Uttam Kumar, Last updated: Thu, 21st Oct 2021, 4:30 PM IST
बिहार में बजेपी की सहयोगी और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने वाल्मीकि जयंती के अवसर पर कहा कि रामायण के लेखक महर्षि वाल्मीकि राम से हजारों गुना बड़े थे. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मेरा निजी विचार है और मैं किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहत हूं. 
जीतन राम मांझी. फाइल फोटो.

पटना. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी(Jitan Ram Manjhi) ने एक बार फिर विवादित बयानों के कारण सुर्खियों में है. इस बार वाल्मीकि जयंती के अवसर पर उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की तुलना रामायण के लेखक महर्षि वाल्मीकि से करते हुए फिर से ऐसा कुछ कह दिया कि वे आलोचको के निशाने पर आ गए. बुधवार को दिल्ली में अपनी ही पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग में भगवान वाल्मीकि को श्रद्धांजलि देने के बाद जीतन राम मांझी ने कहा कि रामायण के लेखक महर्षि वाल्मीकि राम से हजारों गुना बड़े थे. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मेरा निजी विचार है, और मैं किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहत हूं. 

हिन्दुस्तान अवाम मोर्चा (HAM) के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री इससे पहले सितंबर में भी रामायण पर विवादित बयान दिया था. पिछली बार पटना में मीडिया द्वारा पूछे जाने पर कि क्या मध्य प्रदेश की तर्ज पर बिहार के स्कूलों में भी बच्चों को रामायण पढ़ाया जाना चाहिए? इसपर मांझी ने रामायण को पाठ्यक्रम में शामिल करने की बात तो कही थी, लेकिन साथ में कहा था कि रामायण काल्पनिक ग्रंथ है. रामायण की कहानी सत्य पर आधारित नहीं है. इतना ही नहीं हम पार्टी के मुखिया जीतन राम मांझी ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम को महापुरुष मानने से इंकार कर दिया था. मांझी ने कहा था कि श्रीराम महापुरुष थे, वह इस बात को भी नहीं मानते.  

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वाल्मीकि जयंती पर दिल्ली में अपनी पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान मांझी ने कहा कि केंद्र सरकार कश्मीर में शांति स्थापित करने के लिए प्रयासरत है, लेकिन कोई भी परिणाम दिखाई नहीं दे रहा हैं. बता दे बीते एक सप्ताह के अंदर कश्मीर में तीन बिहार प्रवासी मजदूरों को मौत के घाट उत्तर दिया गया. इसको लेकर मांझी ने केंद्र से स्तिथि नहीं संभलने का आरोप लगाते हुए 15 दिनों के लिए कश्मीर को बिहारियों के हवाले कर देने की बात कही थी. 

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