बंगाल में बिहार के पुलिसकर्मी की मॉब लिंचिंग को लेकर BJP-JDU ने CM ममता को घेरा

Smart News Team, Last updated: Sat, 10th Apr 2021, 3:29 PM IST
बंगाल में बिहार के एक पुलिसकर्मी की मॉब लिंचिंग को लेकर बवाल मचा हुआ है. विपक्षी दलों ने इस पर ममता सरकार को जमकर घेरा है.घटना पश्चिम बंगाल के उत्‍तरी दिनाजपुर जिले के पांजीपाड़ा थाना के पनतापाड़ा में हुई. भाजपा और जदयू ने इस मामले में गृह मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग की है
गाल में बिहार के इंस्पेक्टर की मॉब लिंचिंग को लेकर सियासत गरमा गई है

पटना. बंगाल में बिहार के इंस्पेक्टर की मॉब लिंचिंग को लेकर सियासत गरमा गई है.इस मामले को लेकर बिहार के सियासी दलों ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी को घेरते हुए गृह मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग की है.दरसअल, किशनगंज से लगी बिहार और पश्चिम बंगाल की सीमा पर इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार को भीड़ ने घेरकर मार डाला.बताया जा रहा है कि अपराधियों को बचाने के लिए बिहार की पूरी पुलिस टीम पर हमला किया था.

जानकारी के अनुसार घटना पश्चिम बंगाल के उत्‍तरी दिनाजपुर जिले के पांजीपाड़ा थाना के पनतापाड़ा में हुई जहां पर आक्रामक भीड़ ने बिहार के एक पुलिसकर्मी को मार डाला. गौरतलब है कि छापेमारी से पहले इंस्पेक्टर ने स्थानीय पंजीपाड़ा थाने को भी सूचना दी थी. अंधेरे की वजह से किशनगंज नगर थाने के इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार भीड़ के हत्थे चढ़ गए. और भीड़ ने उन्हें पीट-पीटकर मार डाला. और लोगों ने किसी तरह जान बचाई.

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इस मामले को लेकर सत्तारूढ़ दल भाजपा और जदयू ने पश्चिम बंगाल की ममता सरकार पर जमकर हमला बोला है. भाजपा सांसद रामकृपाल यादव ने दुख जताते हुए कहा कि लगता नहीं है कि पश्चिम बंगाल में सरकार नाम की कोई चीज है. रामकृपाल यादव ने इस पूरे मामले में गृह मंत्री अमित शाह से हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया है.

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इसके अलावा जदयू एमएलसी गुलाम गौस ने भी पूरे घटनाक्रम को दुखद बताते हुए कहा कि बिहार ने अपना एक जांबाज पुलिस अफसर खो दिया है. उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम पर केंद्रीय गृह मंत्रालय को संज्ञान लेना चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति ना हो.

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