BJP बिहार अध्यक्ष का तेजस्वी पर वार, बोले- उद्देश्य सेवा नहीं, छपास है

Smart News Team, Last updated: Thu, 20th May 2021, 7:29 PM IST
  • बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने अपने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा है. उन्होंने पोस्ट में लिखा कि अब राजनीतिक तौर पर पटना शहर का नाम बदलकर विरोधी नेता सेवा शहर कर देना चाहिए, क्योंकि राजनीति भी अजीब चीज है. उन्होंने लिखा कि राघोपुर की जनता आपको विधायक बनाती है, फिर भी अस्पताल पटना में ही खोलेंगे.
BJP प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने अपने पोस्ट के माध्यम से विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा है.

पटना- बिहार में कोरोना की दूसरी लहर का कहर जारी है. लेकिन इस कोरोना काल में भी राजनीति थमने का नाम नहीं ले रहा है. सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच वार-पलटवार का दौर जारी है. इस बीच बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने अपने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा है. उन्होंने पोस्ट में लिखा कि अब राजनीतिक तौर पर पटना शहर का नाम बदलकर विरोधी नेता सेवा शहर कर देना चाहिए, क्योंकि राजनीति भी अजीब चीज है. बिना नाम लिए तेजस्वी को घेरते हुए उन्होंने लिखा कि राघोपुर की जनता आपको विधायक बनाती है, फिर भी अस्पताल पटना में ही खोलेंगे. भाई के मंत्री रहते एक मेडिकल कॉलेज ही राघोपुर में खोल देते या खुद मंत्री रहते एक पुल ही बना देते तो पीपा पुल पर लोगों की मौतें नहीं होतीं.

डॉ जायसवाल ने आगे लिखा कि यहां तो मूल उद्देश्य सेवा नहीं, छपास है. छपास के लिए तो सेवा पटना में ही करना पड़ेगा. परिवार के पद चिन्हों पर चल रहे हैं, मुख्यमंत्री रहते परिवार का सिद्धांत था कि विकास से कभी वोट नहीं मिलता है और महोदय ने भी मंत्री रहते इसका ईमानदारी से पालन किया. इनका उद्देश्य अगर अस्पताल खोलना होता तो सिविल सर्जन एवं जिलाधिकारी को सूचना देते, पर असली उद्देश्य तो छपना है, इसलिए यह सीधा मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को ही सूचित करेंगे. माननीय जी 3 दिन पहले मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखते हैं कि सेवा करना चाहते हैं, जैसे सेवा करने में भी रोक है और मुख्यमंत्री से ही इसकी परमिशन लेनी पड़ती है.

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डॉ जायसवाल ने आगे लिखा कि वैसे इन सभी नेताओं में एक और जबरदस्त समानता है. 3 साल से एक नेताजी जेल में थे, तब वह अस्पताल में बीमार थे लेकिन बेल मिलते ही घर आ गए. इसी तरह दूसरे नेता जी कल तक कैमरा के साथ कोरोना वार्डों में घूमते थे और बाढ़ में कमर तक पानी में फोटो भी खींचाते थे ,पर जेल में जाते ही बीमार हो गए. आजकल जेल और बेल के बीच में अस्पताल का कमाल खेल है. जैसे बेल मिल जाएगी वैसे नेता जी स्वस्थ होकर कैमरा के साथ घूमना शुरू कर देंगे. इसलिए इनके समर्थकों से अनुरोध है कि इनके स्वास्थ्य की नहीं बल्कि बेल की प्रार्थना करें.

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