बिहार में रेमडेसिविर की कालाबाजारी, बाजार में 15-30 हजार रुपये में बेची जा रही

Smart News Team, Last updated: Wed, 21st Apr 2021, 2:44 PM IST
बिहार में रेमडेसिविर दवा की जमकर कालाबाजारी की जा रही है. इस दवा को बनाने वाली अलग-अलग कंपनियों की कीमत 900- 3500 रुपये तक है लेकिन बाजार में यह दवा 15 से 30 हज़ार रुपये में बेची जा रही है.
बिहार में रेमडेसिविर दवा की जमकर कालाबाजारी की जा रही है.

पटना. बढ़ते हुए कोरोना मामलों के बीच संक्रमितों के इलाज में काम आने वाली रेमडेसिविर दवा की कमी भी देखी जा रही है. अस्पतालों में चाहे यह दवा नहीं मिल रही हो लेकिन बाजार में 15 से 30 हज़ार रुपये में यह दवा बेची जा रही है. जबकि इस दवा को बनाने वाली अलग-अलग कंपनियों की कीमत 900- 3500 रुपये तक है. गौरतलब है कि राज्य की सबसे बड़ी गोबिंद मित्रा रोड स्थित दवा मंडी के सूत्रों के अनुसार संक्रमित मरीज का नकली पुर्जा या फोटो स्टेट पुर्जा तैयार कर दवा मंडी के दलाल और कालाबाजारी में संलिप्त लोग इस दवा को ऊंचे दामों में बेच रहे हैं.

जानकारी के अनुसार रेमडेसिविर की कालाबाजारी की शिकायतें लगातार मिल रही है लेकिन ड्रग प्रशासन स्थानीय प्रशासन द्वारा इनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है. कुछ जगह पर तो लोग यह भी शिकायत कर रहे हैं कि ड्रग डिसटीब्यूटर से अस्पतालों तक पहुंचने के बाद दवा को ऊंचे दामों में बेचा जा रहा है. राज्य में मांग के अनुसार रेमडेसिविर दवा की आपूर्ति नहीं होने के कारण इसकी कालाबाजारी हो रही है. इससे सभी जरूरतमंदों को यह जबान नहीं मिल पा रही है.

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आपको बता दें कि राज्य में रेमडेसिविर दवा की मुंह मांगी कीमत मांगी जा रही है. चाहे केंद्र ने अलग-अलग कंपनियों की रेमदेसीविर दवा की कीमत निर्धारित कर दी हो लेकिन इसके बावजूद 15 से 30 हज़ार में इसकी कालाबाजारी की जा रही है. राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने कहा कि यदि किसी को इस दवा के अवैध कारोबार की जानकारी मिलती है तो लिखित में शिकायत कर सकते हैं. ऐसे लोगों पर कार्रवाई होगी.

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इसके अलावा बिहार ड्रग एंड केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष पीके सिंह ने बताया कि रेमडेसिविर की कालाबाजारी की शिकायतें मिल रही हैं. संगठन के बिहार के सभी सदस्यों से कहा गया है कि दवा व्यापार को बदनाम करने वाले असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखें और इसकी सूचना ड्रग प्रशासन और संगठन को दें ताकि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके.

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