बोधगया ब्लास्ट मामला: आखिरी आतंकी जहीदुल इस्लाम को 10 साल की सजा, एनआइए कोर्ट का फैसला

Sumit Rajak, Last updated: Sat, 12th Feb 2022, 10:06 AM IST
  • बोधगया बम ब्लास्ट मामले में पटना के एनआईए की विशेष कोर्ट ने आखिरी आरोपी जिहाद उल इस्लाम को सजा सुना दी है. एनआईए कोर्ट ने जिहाद उल इस्लाम को 10 साल की कैद और 38 हजार रूपये का जुर्माना देने की सजा सुनाई है. साल 2018 में बोधगया में दलाई लामा के कार्यक्रम के दौरान आईईडी प्लांट कर धमाके की साजिश का यह मामला है.
फाइल फोटो

पटना. बोधगया बम ब्लास्ट मामले में पटना के एनआईए की विशेष कोर्ट ने आखिरी आरोपी जिहाद उल इस्लाम को सजा सुना दी है. एनआईए कोर्ट ने जिहाद उल इस्लाम को 10 साल की कैद और 38 हजार रूपये का जुर्माना देने की सजा सुनाई है. साल 2018 में बोधगया में दलाई लामा के कार्यक्रम के दौरान आईईडी प्लांट कर धमाके की साजिश का यह मामला है. साजिश रचने के मामले में बचे आखिरी आरोपित जेहाद उल इस्लाम इस्लाम को शुक्रवार को एनआइए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश गुरविंदर सिंह मल्होत्रा की अदालत ने सजा सुनाई. इससे पहले अन्य आरोपियों को सजा सुनाई जा चुकी है.

अदालत ने इसे विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, विदेशी अधिनियम और आतंक विरोधी अधिनियम का दोषी पाते हुए उक्त सजा दी. बांग्लादेश का नागरिक है और जमात-उल मुजाहिदीन बांग्लादेश से जुड़ा है. बता दें कि इस मामले में आठ आतंकियों को अदालत पहले ही सजा दे चुकी है. इन आतंकियों ने पहले ही अपना अपराध स्वीकार कर लिया था. वहीं जहीदुल ने बाद में अपराध को स्वीकार किया , जिसके बाद अदालत ने अपना फेसला सुनाया.

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बता दें कि एनआइए के विशेष जज गुरुविंदर सिंह मल्होत्रा की अदालत ने 17 दिसंबर को इस मामले में आठ आतंकवादी को सजा सुनायी थी. जिनमें से तीन को उम्रकैद और पांच को 10-10 वर्ष की कैद की सजा दी गयी थी. जिन तीन आतंकवादियों को उम्रकैद की सजा दी थी, उनमें अहमद अली, पैगंबर शेख और नूर आलम  बोधगया बम ब्लास्ट  में शामिल थे.  अदालत ने इन पर 39-39 हजार का जुर्माना भी लगाया गया था. वहीं, आदिश शेख, दिलावर हुसैन, अब्दुल करीम, मुसाकर रहमान और आरिफ हुसैन को 10-10 साल की सजा दी गयी थी.

ऐसे रची गई थी साजिश

19 जनवरी, 2018 को बोधगया में निगमा पूजा के दौरान बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा के साथ ही कई विदेशी धार्मिक गुरु गया में प्रवास कर रहे थे और बिहार के तत्कालीन राज्यपाल सत्यपाल मलिक भी उपस्थित थे. अभियुक्तों ने साजिश के तहत  मुख्य गेट के सामने जेनरेटर के नीचे झोले में बम रखा था, जो निष्क्रिय किये जाने दौरान फट गया था. श्रीलंकाई मठ के पास और महाबोधि मंदिर के गेट नंबर-4 की सीढ़ियों के पास से दो और आइइडी बरामद किये गये थे. 

20 जनवरी, 2018 को बोधगया थाने में में कांड संख्या 34/2018 दर्ज कर पुलिस ने अनुसंधान शुरू कर दिया गया था. जेएमबी के आतंकवादियों ने एक-दूसरे से संपर्क किया, एक साथ यात्रा की, साजिश रची और विस्फोटक खरीदे, बोधगया मंदिर परिसर में इन तीनों आईईडी को लगाया.  इसके बाद तलाशी के दौरान में पुलिस ने विद्युत परिपथ तार, घड़ी मशीन, बैटरी, एक्स पोलेटेड डेटोनेटर और उजले रंग के सफेद पाउडर को बरामद किया था.

 

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