बिहार पंचायत चुनाव में वोट नहीं कर पांएगी दूसरे राज्यों से आई नई दुल्हनें, EC का फैसला

ABHINAV AZAD, Last updated: Thu, 9th Sep 2021, 4:15 PM IST
  • राज्य निर्वाचन आयोग के इस निर्देश के बाद ऐसी सीटें जो अनूसूचित जाति, अनूसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हैं, वहां राज्य का ही जातिप्रमाण पत्र ही वैलिड माना जाएगा.
(प्रतिकात्मक फोटो)

पटना. बिहार पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है. अब चुनाव में हिस्सा लेने वाले उम्मीदवारों ने अपनी तैयारी भी शुरू कर दी है. लेकिन इस बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने एक अहम निर्देश जारी किया है. जिनके पास बिहार सरकार द्वारा निर्गत जाति प्रमाणपत्र है वो चुनाव में नामांकन दाखिल कर सकते हैं. दरअसल, इस आदेश के बाद से दूसरे राज्यों से आई दुल्हनों के लिए राह मुश्किल हो गई है.

राज्य सरकार द्वारा जाति प्रमाण पत्रों को ही जातिगत तौर पर रिजर्व सीटों के नॉमिनेशन में वैध माना जाएगा. राज्य निर्वाचन आयोग के इस निर्देश के बाद ऐसी सीटें जो अनूसूचित जाति, अनूसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हैं, वहां राज्य का ही जातिप्रमाण पत्र ही वैलिड माना जाएगा. दरअसल, राज्य निर्वाचन आयोग ने साल 2011 में बिहार सरकार द्वारा जारी आदेश का हवाला देते हुए ये निर्देश दिया है.

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राज्य निर्वाचन आयोग के इस फैसले के बाद अब ऐसी महिलाएं जो मूल रूप से बिहार की रहने वाली नहीं हैं, यानि भारत के किसी और राज्य की मूल निवासी है और उनकी शादी शादी बिहार में हुई है, तो उनकी लिए नॉमिनेशन के दौरान दिक्कतें हो सकती हैं. दरअसल, ऐसी महिलाओं को स्थानीय स्तर पर सीओ के द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र लेना होगा. लेकिन उनकी जाति पिता की आरक्षण श्रेणी के समतुल्य ही मिलेगा.

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