पेयजल उपयोग शुल्क नीति को कैबिनेट में मंजूरी, अब पीने के पानी का देना होगा टैक्स

Smart News Team, Last updated: Wed, 18th Aug 2021, 9:29 AM IST
  • सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में पेयजल उपयोग शुल्क नीति-2021 को मंजूरी मिल गई है. अब शहरी क्षेत्रों में प्रापर्टी टैक्स की तरह पेयजल टैक्स भी देना होगा. जल्द ही नगर विकास एवं आवास विभाग इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेगा.
शहरी इलाकों में रह रहे लोगों लोगों को प्रापर्टी टैक्स की तरह पेयजल टैक्स भी देना होगा. (प्रतिकात्मक फोटो)

पटना. सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दे दी गई है. जिसमें, 15 अगस्त को गांधी मैदान में की गए घोषणाओं के साथ पेयजल उपयोग शुल्क नीति-2021 को कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है. अब शहरी इलाकों में रह रहे लोगों लोगों को प्रापर्टी टैक्स की तरह पेयजल टैक्स भी देना होगा. साथ ही कैबिनेट में नई दूध उत्पादक सहयोग समिति गठित करने, छात्रवृत्ति के लिए सालाना आय बढ़ाना, कृषि महाविद्यालय समेत कई फैसलों पर कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है.

सभी वर्ग के लिए अलग होगी टैक्स की दर

पेयजल उपयोग शुल्क नीति को लेकर अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने बताया कि इसमें 0 से लेकर 4000 तक जो जितना प्रापर्टी टैक्स देता है उसी के अनुसार पेयजल टैक्स की भी वसूली की जाएगी. न्यूनतम टैक्स शुल्क 57 रुपए आ सकता है, लेकिन सभी के लिए यह दर अलग-अलग होगी. जो ज्यादा टैक्स देते हैं, उन्हें ज्यादा पेयजल टैक्स भी देना होगा. इसमें कमर्शियल, सरकारी और गैर सरकारी सभी के लिए टैक्स की दर अलग होगी.

शहरी के साथ ग्रामीण इलाकों में दूध उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए 30 करोड़ स्वीकृत

कैबिनेट बैठक में दूध व उससे जुड़े उत्पादों की बिक्री को शहरों के साथ ग्रामीण इलाकों में बढ़ाने को लेकर जोर दिया गया. इसके लिए कैबिनेट ने 30 करोड़ रुपए भी स्वीकृत किए हैं. साथ में कैबिनेट ने राज्य में 7 हजार नई दूध उत्पादक सहयोग समितियों के गठन का भी फैसला लिया है. इसके लिए 4 सालों में 56 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है. कंफेड पटना और इससे जुड़े संघ व डेयरी इकाइयों में इन समितियों का गठन किया जाएगा.

इन फैसलों को भी मिली मंजूरी

- बीपीएससी मेंस तैयारी के लिए सभी वर्ग की महिलाओं को मिलेगी 50 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि

- पटना, सौबर और भोजपुर में तीन नए कृषि कॉलेजो की स्थापना

- राज्य कर्मचारियों का मंहगाई भत्ता 11 से 28 प्रतिशत हो गया

- अब तीन लाख सालाना आय पर पिछड़ा, अतिपिछड़ा व अनुसूचित, जनजाति के अंतर्गत आने वाले स्टूडेंट्स को मिलेगी छात्रवृत्ति

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