CBSE बोर्ड एग्जाम 2021 डेटशीट आने के बाद सताने लगा है डर तो ये टिप्स करेंगे मदद

Smart News Team, Last updated: 13/01/2021 12:18 PM IST
  • सीबीएसई बोर्ड परीक्षा की तारीख घोषित कर दी गई हैं जिसके बाद छात्र एग्जाम की तैयारी में जुट गए हैं. कोरोना के कारण सिलेबस में कई बदलाव किए गए हैं जिसके बाद छात्र इस परेशानी में हैं कि किस तरह से पाठ्यक्रम को पूरा करें और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें.
बोर्ड परीक्षा में समय प्रबंधन और रिवीजन का रखना होता है ध्यान.

पटना. सीबीएसई बोर्ड ने एग्जाम डेटशीट रिलीज कर दी है. परीक्षा की तारीखों का ऐलान होते ही छात्रों में एक अजीब सा भय आने लगता है जिसमें प्रदर्शन और उसके बाद नतीजों का डर उन्हें सताता है. नतीजों को लेकर कई तरह के सवाल उन्हें परेशान करने लगते हैं. इन्हीं बचने के लिए एक्सपर्ट्स के टिप्स यहां बताने जा रहे हैं जिसको अपनाकर स्टूडेंट्स सिर्फ डर से लड़ने में नहीं बल्कि बेहतर प्रदर्शन करने का कॉन्फिडेंस अपने में ला पाएंगे.

पेपर पैटर्न-सीबीएसई बोर्ड ने 4 मई से परीक्षाओं का ऐलान कर दिया है जिसके बाद छात्रों के पास तैयारी करने के लिए लगभग साढ़े तीन महीने का समय है. कोरोना के कारण कई परेशानियों सामने छात्रों ने किया है. ऐसे में अगर स्टूडेंट्स पेपर पैटर्न को समझ कर अपनी रणनीति तैयार करें तो वह बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे. सीबीएसई ने कोरोना के कारण सिलेबस में भी कई बदलाव किए हैं ऐसे में अपने पढ़ने की सामाग्री यानी नोट्स को तैयार करना ही प्राथमिकता होनी चाहिए. 

कोरोना वैक्सीन को लेकर अफवाहों से हैं परेशान, यहां जानें क्या है सच और झूठ

महत्वपूर्ण विषय और प्रश्न पत्र- कक्षा 10 वीं और 12वीं के लिए सीबीएसई द्वारा प्रश्न बैंक भी निकाले जाते हैं जिसमें पिछले साल के प्रश्न और एक्सपर्ट्स द्वारा डाले गए प्रश्न होते हैं उन्हें सॉल्व करके छात्र कॉन्फिडेंस ला सकते हैं. इसी के साथ हर सब्जेक्ट में कुछ जरूरी टॉपिक्स होते हैं जिसमें सीबीएसई कई बार प्रश्न लेता है. परंतु 2021 में होने वाली परीक्षा में कई विषय हटाए गए हैं तो वहां महत्वपूर्ण टॉपिक्स क्या हो सकते हैं ये सवाल स्टूडेंट्स को परेशान कर सकता है. 

गेट खोलने आ रही थी पत्नी, इतने में बदमाशों ने इंडिगो मैनेजर को दाग दीं 6 गोली

ऐसे में सीबीएसई द्वारा जारी नए सिलेबस को एकबार अच्छे से पढ़ें और फिर पुराने सवालों को हल करें. इससे कई ऐसे टॉपिक्स तैयार हो जाएंगे जो जरूरी हैं और जिसमें से आने वाली परीक्षा में सवाल आ सकते हैं.

रिविजन- छात्र कई बार रिविजन नहीं करने के कारण परीक्षा के दौरान परेशान होते हैं. ऐसे में हर स्टूडेंस को एग्जाम से पहले समय रखकर पूरे सिलेबस को दो बार पढ़ना चाहिए. रिविजन परीक्षा के आखिरी महीने में किया जा सकता है. रिविजन आसान करने के लिए नोट्स तैयार करना बेहतर विकल्प माना जाता है. 

मकर संक्रांति पर दान देने से बन जाएंगे मालामाल, जानिए कौनसी राशि क्या करें दान 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें