CM नीतीश ने फिर उठाई जातीय-जनगणना की मांग, कहा- यह सभी के विकास के लिए जरूरी

Smart News Team, Last updated: Mon, 9th Aug 2021, 7:36 PM IST
  • मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर जातीय जनगणना की बात दोहराते हुए इसकी मांग की. साथ ही सीएम नीतीश ने कहा कि जातीय आधारित जनगणना से सभी के विकास के लिए योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी.
CM नीतीश ने फिर की जातीय-जनगणना की मांग, कहा- यह सभी के विकास के लिए जरूरी

पटना. बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फिर से जातीय जनगणना की मांग की है. साथ ही उन्होंने फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर इसपर चर्चा करने के लिए समय मांगा है. वहीं सीएम नीतीश ने जातीय जनगणना की मांग दोहराते हुए कहा कि यह सभी के विकास लिए आवश्यक है. जातीय जनगणना करना है या नहीं यह केंद्र सरकार को तय करना है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह जातीय जनगणना की मांग लंबे समय से कर रहे है. 

इसके साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश ने बताया कि वह जातीय जनगणना की मांग 1990 से कर रहे है. जिसको लेकर उन्होंने 2020 में बिहार के दोनों सदनों में प्रस्ताव भी पारित किया था. जिसे इस साल भी पारित किया गया है. सीएम नीतीश ने आगे कहा कि विभिन्न जातियों की वास्तविक स्थिति जानने के किए कम से कम एक बार जाती आधारित जनगणना होनी चाहिए. जिससे विकास की योजनाओं को बनाने में मदद मिलेगी.

PM मोदी ने जारी की किसान सम्मान निधि की 9वीं किस्त, पैसे नहीं आए तो ऐसे करें चेक

साथ ही सीएम नीतीश ने जातीय आधारित जनगणना की वकालत करते हुए कहा कि सभी जातियों के आंकड़े सभी के लिए मददगार साबित होंगी. जिसके चलते ही इसकी मांग की जा रही है. यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है. यह एक सामाजिक मुद्दा है. लेकिन जातीय आधारित जनगणना करना है या नहीं यह केंद्र को तय करना है. हमारे साथ ही अन्य राज्य भी जातीय जनगणना पर चर्चा कर रहे है. 

नीतीश कुमार ने कहा कि जाति के आधार पर जनगणना का फैसला केंद्र ही कर सकता है. अगर हमें ऐसा करना है, तो यह गिनती होगी, जनगणना नहीं. जनगणना राष्ट्रीय स्तर पर ही की जाती है. कुछ राज्यों ने अपने स्तर पर ऐसा किया है जैसे कर्नाटक. अगर हमें बिहार में जाति जनगणना पर फैसला करना है, तो हम चर्चा के बाद तय करेंगे. लेकिन हम चाहते हैं कि इसे राष्ट्रीय स्तर पर किया जाए ताकि यह पूरे देश में हो.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें