बिहार में सुशासन बाबू नीतीश की सरकार के 15 साल पूरे, जानें उनके पंद्रह बड़े फैसले

Nawab Ali, Last updated: Thu, 25th Nov 2021, 10:58 AM IST
  • बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार को 15 साल हो गये हैं ऐसे में हम आपको आज बताने जा रहे हैं उनके 15 फैसले जिन्होंने बिहार की तस्वीर बदलकर रख दी.
नीतीश कुमार सरकार को बिहार में 15 साल पूरे. फोटो नीतीश कुमार फेसबुक

पटना. बिहार में नीतीश कुमार सरकार को 15 साल हो गए हैं. अपने 15 सालों के कार्यकाल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कई बड़े फैसले लिए हैं. कई फैलसे ऐसे भी रहे हैं जिनको लेकर उनके विरोधी आलोचना करते हैं. उन्होंने अपने कार्यकाल में सबसे पहले कृषि रोडमैप लागू कर कृषि व्यवस्था को सुदृढ़ करने के काम किया है. साथ उनले कार्यकाल में ही महिला सशक्तिकरण के लिए ग्राम पंचायतों में एकल पदों   पर 50 और 20 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने कार्यकाल में सामाजिक सुधारों पर भी शानदार काम किया है. बिहार में शराबंदी तो हुई लेकिन इस दौरान अवैध शराब ने इस दावे की पोल खोल कर रख दी. 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वैसे तो अपने कार्यकाल के दौरान कई बड़े फैसले लिए हैं लेकिन 15 ऐसे फैसले हैं जिन्हें बेहतर कहा जा सकता है. बिहार में नीतीश कुमार को सुशासन बाबु के नाम से भी पुकारा जाता है. जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष ललन सिघ का भी कहना है कि उनके कार्यकाल में नए बिहार का निर्माण हुआ है. नीतीश कुमार ने अपने कार्यकाल में ही लोक सेवाओं का अधिकार कानून बनुआ जिससे लोगों को प्रमाणपत्र हासिल करने में काफी आसानी हुई है. आइये बताते हैं वो 15 फैसले जो बिहार के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लिए हैं.

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पहला कार्यकाल

1- ग्राम पंचायतों और नगर निकायों में एकल पदों पर भी महिलाओं को 50 प्रतिशत और अतिपिछड़ों को 20 प्रतिशत का आरक्षण दिया।

2- कृषि रोड मैप को लागू किया, जिससे कृषि व्यवस्था मजबूत हुई। एक तरह अनाज का उत्पादन और उत्पादकता बढ़ी तो दूसरी ओर किसानों की आमदनी भी बढ़ी।

3- बालक-बालिकाओं के लिए साइकिल योजना शुरू की, जिससे खास कर माध्यमिक और उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाली लड़कियों की संख्या काफी बढ़ी।

4- राज्य के सुदूर इलाके से भी छह घंटे में राजधानी पटना पहुंचने के लक्ष्य के अनुरूप सड़कों और पुल-पुलियों पर काम हुए और यह लक्ष्य हासिल भी हुआ।

दूसरा कार्यकाल

5- लोक सेवाओं का अधिकार कानून लागू किया। इससे लोगों को जाति, आय, आवासीय आदि सभी तरह के प्रमाणपत्र सुविधापूर्वक तय समय में प्राप्त होने लगे।

तीसरा कार्यकाल

6- हर घर बिजली का कनेक्शन देने की घोषणा हुई और इसे वर्ष 2018 में पूरा भी कर दिया गया।

7- हर घर नल का जल और सभी गली-नाली पक्कीकरण योजना शुरू हुई।

8- अप्रैल 2016 में पूर्ण शराबबंदी लागू हुई। इसे सफल बनाने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चले। बड़े पैमाने पर कार्रवाई हुई और गड़बड़ करने वाले सरकारी सेवकों को बर्खास्त भी किया गया।

9- उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए विद्यार्थियों को राज्य सरकार अपना अलग कोष बना कर चार लाख रुपए तक के लोन की व्यवस्था की।

10- इंटरमीडिएट उत्तीर्ण अविवाहित लड़कियों को 15 हजार और स्नातक उत्तीर्ण सभी लड़कियों को 25 हजार रुपए दिये जाने लगे। बाद में इस राशि को बढ़ाकर क्रमश: 25 और 50 हजार किये गये।

11- पीएमसीएच को विश्वस्तरीय अस्पताल बनाने पर कार्य शुरू हुआ।

12- जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरुआत हुई। पर्यावरण प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए इसकी शुरुआत हुई, जिसकी सराहना संयुक्त राष्ट्र संघ के स्तर पर भी हुई।

13- राज्य सरकार की नौकरियों में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिये गए।

 

 

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