शराबबंदी के सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए CM नीतीश बोले- कुछ लोग कर रहे गड़बड़

Smart News Team, Last updated: 21/02/2021 08:43 PM IST
शराबबंदी पर जेडीयू और गठबंधन शामिल नेताओं द्वारा उठाए गए सवाल पर रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि शराबबंदी हम लोगों का स्वार्थ नहीं बल्कि लोगों की इच्छा है. बहुसंख्यक लोग शराबबंदी के पक्ष में हैं और सिर्फ कुछ लोग ही हैं जो गड़बड़ कर रहे हैं.
शराबबंदी पर उठे सवालों पर रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.

पटना. बिहार में जदयू और गठबंधन में शामिल नेताओं द्वारा शराबबंदी पर उठाए गए सवाल पर सुबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए रविवार को कहा कि बहुसंख्यक लोग शराबबंदी के पक्ष में हैं. सिर्फ कुछ लोग ही हैं जो गड़बड़ कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी हम लोगों का स्वार्थ नहीं बल्कि लोगों की इच्छा है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराब से हुई मौतों के मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि अब तो यह भी देखा जाएगा कि सोर्स कहां है और कारोबार करने वाला कौन है. गड़बड़ी करने वाला तो खुद भी जाएगा और दूसरे को भी मारेगा. सीएम ने दावा करते हुए कहा कि बहुसंख्यक लोग शराब बंदी के पक्ष में है जबकि कुछ लोग ही है तो गड़बड़ कर रहे हैं.

CM नीतीश का आदेश- बिहार के सभी श्मशानों की हो पैमाइश, हटाया जाए अतिक्रमण

आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों में गोपालगंज कैमूर मुजफ्फरपुर में जहरीली शराब पीने से मौत की खबरें सामने आई हैं. इसको लेकर नीतीश सरकार विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष कि लोगों के निशाने पर आ गई. शुक्रवार को नीतीश कुमार की मौजूदगी में हुई जदयू विधानमंडल दल की बैठक में पार्टी के विधायक डॉक्टर संजीव कुमार ने शराबबंदी पर सवाल उठाते हुए इसे असफल बताया.

देश में सबसे महंगी बिजली खरीद रहा है बिहार, एक देश-एक बिजली दर की मांग

इसके अलावा एनडीए में शामिल हुए जीतन राम मांझी की पार्टी हम और मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी ने भी शराबबंदी को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए हैं. हम का कहना है कि पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत से ही बिहार में शराब का धंधा फल फूल रहा है. इसके अलावा मुकेश सहनी की पार्टी ने कहा कि शराबबंदी के कारण राज्य सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है लेकिन पुलिस की लापरवाही के कारण यह कानून प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो पा रहा.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें