नीतीश बोले- कंगना रनौत के आजादी जैसे बयानों को मजाक में उड़ा देना चाहिए

ABHINAV AZAD, Last updated: Tue, 16th Nov 2021, 7:57 AM IST
  • मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के आजादी वाले बयान पर कहा कि पब्लिसिटी हासिल करने के लिए यह बोला गया है. उन्होंने कहा कि हमें हैरानी होती है कि ऐसे बयानों को पब्लिश कैसे किया जाता है. ऐसी बातों को नोटिस में नहीं लिया जाना चाहिए.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कंगना रनौत के आजादी वाले बयान को पब्लिसिटी स्टंट करार दिया.

पटना. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के आजादी वाले बयान पर आड़े हाथों लिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका कोई मतलब नहीं है. हमें हैरानी होती है कि ऐसे बयानों को पब्लिश कैसे किया जाता है. ऐसी बातों को नोटिस में नहीं लिया जाना चाहिए. इस दौरान नीतीश ने सवालिया सहजे में कहा कि कौन नहीं जानता है कि आजादी कब हुई. ऐसे बयानों का महत्व नहीं देकर उसे मजाक में उड़ा देना चाहिए. कुछ लोगों की आदत होती है. हम ऐसे लोगों पर ध्यान नहीं देते हैं.

बिहार के मुख्यमंत्री नतीश कुमार ने बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के भीख में मिली आजादी वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि पब्लिसिटी हासिल करने के लिए यह बोला गया है. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की बातों का कोई मतलब नहीं है, हर कोई देश में जानता है कि आजादी कब मिली है. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हम जनता की सेवा के लिए हैं इसलिए मेरा ध्‍यान इन चीजों पर नहीं रहता है. वहीं सीएम ने कहा कि हमें आश्चर्य लगता है कि ऐसे लोगों की बात को पब्लिश कैसे किया जाता है. जब इन लोगों की बातों का कोई महत्व ही नहीं है तो इन बातों को करने से क्या मतलब है.

बिहार में नीतीश सरकार करेगी प्रचार- शराब बुरी चीज, पियोगे तो मरोगे

कंगना ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि हिन्दुस्तान को आजादी 2014 के बाद मिली है, इससे पहले आजादी नहीं वो भीख थी. कंगना के इस बयान पर देश के कई जाने-माने मशहूर हस्तियों ने अपनी प्रतिक्रिया दी. कई जानी-मानी शख्तियों ने कहा कि कंगना ने भारत के स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान किया है और उनके उपर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए. साथ ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पब्लिसिटी हासिल करने के लिए यह बोला गया है. हालांकि बवाल के बाद कंगना ने अपने इस बयान पर सफाई दी है. कंगना ने सफाई देते हुए कहा कि 2014 में आजादी मिलने से संबंध है कि भले ही भौतिक रूप से हमारे पास आजादी हो लेकिन भारत की चेतना और विवेक 2014 में 'आजाद' हुआ है.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें