कन्हैया के आने से कांग्रेस का वोल्टेज बढ़ा, तेजस्वी RJD के खिलाफ चुनाव लड़ेगी पार्टी

Nawab Ali, Last updated: Tue, 5th Oct 2021, 6:15 AM IST
  • नेता कन्हैया कुमार की कांग्रेस में एंट्री के बाद बिहार में गठबंधन सहयोगी राजद के साथ कांग्रेस की खींचतान शुरू हो गई है. आरजेडी ने बिहार उपचुनाव में दो सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला लिया है. पूर्व सांसद रंजीत रंजन ने भी राजद पर हमला बोला है उन्होंने कहा है कि सम्मान एकतरफा नहीं होता, दोनों ओर से होना चाहिए.
बिहार उपचुनाव में दोनों सीटों पर चुनाव लड़ेगी आरजेडी. (फाइल फोटो)

पटना. नेता कन्हैया कुमार की कांग्रेस में एंट्री के बाद बिहार में गठबंधन सहयोगी राजद के साथ कांग्रेस की खींचतान शुरू हो गई है. कन्हैया कुमार के कांग्रेस में शामिल होने पर बिहार आरजेडी ने आपत्ति जताई थी लेकिन अब आरजेडी ने उपचुनाव में दो सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला लिया है. राजद के इस फैसले के बाद कांग्रेस ने राजद पर कई आरोप लगाए हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक शकील खान ने राजद पर निशाना साधते हुए कहा है कि भाजपा के खिलाफ कांग्रेस की मुहिम को राजद ने कमजोर किया. नीतीश कुमार के साथ कांग्रेस का था बेहतर स्ट्राइक रेट. राजद के इस कदम से बिहार उपचुनाव में कांग्रेस राजद के खिलाफ चुनाव लड़ेगी.  

पूर्व सांसद रंजीत रंजन ने भी राजद पर हमला बोला है उन्होंने कहा है कि सम्मान एकतरफा नहीं होता, दोनों ओर से होना चाहिए. उन्होंने कहा है कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी हर प्रदेश से उन लोगों को कांग्रेस में जोड़ना छाती हैं जो कांग्रेस को पसंद करते हैं. लेकिन गठबंधन में होने के कारण कांग्रेस के लोग पीछे हो जाते हैं. वरिष्ठ कांग्रेस मनता और विधायक शकील अहमद खान ने राजद पर हमला बोलते हुए कहा है कि राजद ने भाजपा के खिलाफ कांग्रेस की मुहिम को राजद ने कमजोर किया. नीतीश कुमार के साथ कांग्रेस का था बेहतर स्ट्राइक रेट. नीतीश कुमार को लेकर शकील अहमद ने कहा है कि बिहार में अगर नीतीश कुमार भाजपा से अलग हो जाते हैं तो उनके लिए कांग्रेस के दरवाजे हमेशा के लिए खुले हैं.

बिहार में कांग्रेस RJD महागठबंधन टूटा, उपचुनाव में दोनों सीट पर तेजस्वी से लड़ेगी राहुल की पार्टी

बिहार कांग्रेस में राजद और कांग्रेस कई सालों से गठबंधन में है लेकिन कन्हैया कुमार के कांग्रेस में आने के बाद दोनों ही सहयोगी पार्टियों में दूरियां पैदा हो गई जिस कारण राजद ने उपचुनाव में दोनों सीट पर चुनाव लड़ने का फैसला लिया है. राजद ने चुनाव लड़ने के फैसले को लेकर कांग्रेस के साथ कोई भी बातचीत नहीं की है. आरजेडी प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद ने रविवार को दोनों सीट पर चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद से ही बयानबाजी शुरू हो गई है. इससे पहले कन्हैया कुमार के कांग्रेस में शामिल होने पर आरजेडी ने कहा था कि बिहार में गठबंधन की साथी होने पर कांग्रेस को कन्हैया को पार्टी में शामिल करने से पहले राजद से बातचीत करनी चाहिए थी. 

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बिहार की बात की जाए तो तेजस्वी यादव तेजतर्रार नेता के तौर पर जाने जाते हैं इस वक्त तेजस्वी यादव बिहार नेता प्रतिपक्ष भी हैं. वहीं कन्हैया कुमार की लोकप्रियता भी तेजस्वी से कम नहीं है. बिहार में कन्हैया कुमार को तेजस्वी यादव प्रतिद्वंदी माना जाता है. बिहार में कांग्रेस कांग्रेस के कोई बड़ा युवा चेहरा नहीं है जिस कारण कन्हैया कुमार के आने के बाद कांग्रेस के तेवर में भी बदलाव देखने को मिल रहा है. हालांकि कन्हैया कुमार को कांग्रेस ने अभी तक कोई भी जिम्मेदारी नहीं दी है लेकिन बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में कईबदलाव देखने को मिल सकते हैं.

 

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