सम्राट अशोक को औरंगजेब जैसा बताने पर विवाद, भड़के नेता बोले- दया प्रकाश सिन्हा से पद्मश्री वापस लो

Jayesh Jetawat, Last updated: Wed, 12th Jan 2022, 10:52 PM IST
  • मशहूर साहित्यकार और बीजेपी कल्चरल सेल के राष्ट्रीय संचालक दया प्रकाश सिन्हा के सम्राट अशोक की औरंगजेब से तुलना करने पर विवाद हो गया है. जेडीयू ने दया प्रकाश सिन्हा से पद्मश्री और अन्य पुरस्कार वापस लेने की मांग की है. वहीं, बीजेपी नेताओं ने इसे दया प्रकाश सिन्हा की घटिया मानसिकता करार दिया है.
साहित्यकार दया प्रकाश सिन्हा के सम्राट अशोक की औरंगजेब से तुलना करने पर विवाद (फाइल फोटो)

पटना: साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता दया प्रकाश सिन्हा के सम्राट अशोक को मुगल शासक औरंगजेब जैसा बताने पर बिहार की राजनीति में उबाल है. बिहार बीजेपी के प्रवक्ता निखिल आनंद ने इसे दया प्रकाश की खास मानसिकता से उत्प्रेरित घटिया साहित्यिक हरकत करार दिया. वहीं, जेडीयू राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और पीएम नरेंद्र मोदी से दया प्रकाश सिन्हा का पद्मश्री पुरस्कार वापस लेने की मांग की है. दया प्रकाश सिन्हा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और बीजेपी से जुड़े साहित्यकार हैं. उन्हें हाल ही में 'सम्राट अशोक' नाटक के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार 2021 से नवाजा गया.

क्या है विवाद?

दरअसल, ये विवाद दया प्रकाश सिन्हा के एक अखबार के इंटरव्यू के दौरान दिए गए एक बयान पर है. इस में सिन्हा ने सम्राट अशोक की तुलना औरंगजेब से की. उन्होंने कहा कि जब वे सम्राट अशोक नाटक लिख रहे थे, तब कई गहन रिसर्च किए. इसके बाद उन्हें आश्चर्य हुआ कि अशोक और मुगल बादशाह औरंगजेब के चरित्र में बहुत समानता नजर आई. दोनों ने अपनी शुरुआती जिन्दगी में बहुत पाप किए. फिर उन्हें छिपाने के लिए अतिधार्मिकता का सहारा लिया. ताकि उनके पाप पर किसी का ध्यान न जाए. दोनों ने अपने भाई की हत्या की थी और अपने पिता को जेल में डाल दिया था. अशोक ने अपनी पत्नी को जला दिया था, क्योंकि उसने एक बौद्ध भिक्षु का अपमान किया था.

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कौन हैं दया प्रकाश सिन्हा?

दया प्रकाश सिन्हा रिटायर्ड आईएएस अफसर, लेखक और नाटककार हैं. सिन्हा संघ से जुड़े साहित्यकार हैं और वर्तमान में बीजेपी की कल्चरल सेल के राष्ट्रीय संचालक हैं. वे इंडियन काउंसिल ऑफ कल्चरल रिलेशन (ICCR) के उपाध्यक्ष भी हैं. उन्हें कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के चलते भारत सरकार ने 2020 में पद्मश्री से भी नवाजा था. हाल ही में उन्हें अपने नाटक 'सम्राट अशोक' के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला.

जेडीयू नेता भड़के, ललन सिंह बोले- पुरस्कार वापस लो

जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने सिन्हा के इस बयान की निंदा की है. उन्होंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि दया प्रकाश सिन्हा से पद्मश्री पुरस्कार वापस लिया जाए. ललन सिंह ने कहा कि ऐसे व्यक्ति किसी सम्मान के लायक नहीं हैं. जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने भी सिन्हा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

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बीजेपी नेता बोले- साहित्य की आड़ में इतिहास की कब्र खोदी जा रही

बीजेपी से जुड़े साहित्यकार दया प्रकाश सिन्हा के बयान को उनकी ही पार्टी के नेता ने घटिया मानसिकता करार दिया है. बिहार बीजेपी के प्रवक्ता निखिल आनंद ने ट्वीट कर लिखा, 'सम्राट प्रियदर्शी अशोक की तुलना औरंगजेब से करके शाक्यवंश के महान नायक के चरित्रहनन का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है. साहित्य की आड़ में इतिहास की कब्र खोदना निंदनीय है. दया प्रकाश सिन्हा की खास मानसिकता से उत्प्रेरित घटिया साहित्यिक हरकत ने भारतीय सामाजिक समूह-मान्यता को आहत किया है.

दूसरी ओर, बीजेपी नेता और बिहार सरकार में मंत्री सम्राट चौधरी ने भी सम्राट अशोक की तुलना औरंगजेब से किए जाने की निंदा की. उन्होंने दया प्रकाश सिन्हा पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है. वहीं, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि सम्राट अशोक और औरंगजेब दो विपरीत ध्रुव हैं. इस मुद्दे में कुछ खास नेता जबरदस्ती बीजेपी को घसीट रहे हैं. सब जानते हैं कि सम्राट अशोक और औरंगजेब की आपस में तुलना की ही नहीं जा सकती.

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