पटना: बीमा कंपनियों और अस्पताल के नियमों के बीच फंसे कोरोना संक्रमित मरीज

Smart News Team, Last updated: 15/09/2020 02:25 PM IST
  • स्वास्थ बीमाधारक कोरोना संक्रमित मरीज अस्पताल और बीमा कंपनियों के बनाए गए नियमों में फंस गए है. सरकार के नियम के आधार पर बीमा कंपनी भुगतान कर रही है. जबकि, मरीजों का बील अस्पताल बीमा कंपनी के साथ किए गए अनुबंध के आधार पर बना रहे है. 
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पटना. पटना में स्वास्थ बीमाधारक कोरोना संक्रमित मरीज सरकार और बीमा कंपनियों के बनाए गए नियमों में फंस गए है. इससे परेशान लोगों ने बड़ी संख्या में बीमा कंपनियों और सरकार को अपनी शिकायतें भेजी हैं. कोरोना मरीजों के इलाज के लिए सरकारी स्तर पर निजी अस्पतालों में फीस तय किया गया है. 

बताया जा रहा है कि जो अस्पताल बीमा कपनियों के साथ अनुबंध किए है, वे उसी के आधार पर बिल बना रहे हैं.  जबकि बीमा कंपनियां सरकार द्वारा तय किए गए नियमों पर मरीजों को भुगतान कर रही हैं. इस कारण बिल में अंतर आ जा रहा है, इस अंतर की भरपाई मरीजों को करना पड़ रहा है.

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बिहार में जगदीश मेमोरियल अस्पताल के डॉ. आलोक कुमार ने इसे लेकर बताया कि उनके यहां 1 अगस्त से कोरोना मरीजों का इलाज होना शुरू हुआ. उन्होंने बताया कि अब तक 30 से ज्यादा बीमा कार्ड धारक कोरोना मरीज यहां इलाज कराए हैं. ये सभी स्वस्थ्य होकर चले गए है. आलोक ने बताया बीमा कार्ड धारकों का बीमा कंपनी से को-पेड का अनुबंध होता है. 

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उद्धाहरण के जरिए डॉ आलोक ने बताया  कि अगर 100000 का बिल आता है, तो 70000 कंपनी भुगतान करती.  जबकि 30,000 मरीज को खुद देना पड़ता है. इसके अलावा कई कंपनियां ऐसी भी हैं जो मरीजों का पूरी राशि का भुगतान करती हैं. यहां तक कि वे कंपनी सर्जिकल आइटम पीटीई किट का भी भुगतान कर देती हैं.  इसका फायदा मरीजों को मिलता है. जानकारी के अनुसार डिस्चार्ज होने तक ऐसे मरीजों को कोई भुगतान नहीं करना पड़ता है. 

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