पटना: कोरोना का खतरा बढ़ा, 10 दिनों में 7 लाख परिवारों में बांटे जाएंगे मास्क

Smart News Team, Last updated: Thu, 4th Jun 2020, 3:33 PM IST
  • कोरोना लॉकडाउन में प्रवासियों के बड़ी संख्या में लौटने से शहरी इलाकों की तरह ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना के संक्रमण का खतरा बढ़ गया है और अब इन खतरों से निपटने के लिए करीब 7 लाख परिवारों को मास्क दिया जाएगा।
पटना में 10 दिनों में 7 लाख परिवारों में बांटे जाएंगे मास्क

कोरोना वायरस से बचने के लिए मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अब लोगों की मजबूरी हो गई है। कोरोना संकट की वजह से शहरों से गावों की ओर प्रवासियों के लौटने से ग्रामीण इलाकों में कोरोना का खतरा भी बढ़ा है। इन्हीं खतरों से निपटने के लिए अब जगह-जगह प्रशासन द्वारा मास्क का बंटवारा किया जा रहा है। दरअसल, कोरोना लॉकडाउन में प्रवासियों के बड़ी संख्या में लौटने से शहरी इलाकों की तरह ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना के संक्रमण का खतरा बढ़ गया है और अब इन खतरों से निपटने के लिए करीब 7 लाख परिवारों को मास्क दिया जाएगा।

पटना के ग्रामीण इलाकों में आने वाले अगले 10 दिनों के भीतर करीब 7 लाख परिवारों के बीच मास्क का बंटवारा किया जाएगा। पंचम वित्त आयोग द्वारा प्रदत राशि से पटना जिले की 322 पंचायतों में मास्क खरीदना है। ये सभी मास्क जीविका द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। गौरतलब है कि जीविका समूह द्वारा बड़ी संख्या में मास्क का निर्माण किया जा रहा है और जीविका द्वारा निर्मित मास्क ही गांवों में बांटा जाना है।

पटना जिला पंचायत राज पदाधिकारी सुषमा कुमारी ने कहा कि पटना जिले में लगभग 28 लाख लोगों को मास्क वितरित किया जाना है। प्रत्येक परिवार में 4 लोगों को मास्क दिया जाना है। लोगों से अपील की गई है कि मास्क पहनकर ही बाहर निकलें। पटना जिले में 25 हजार से अधिक प्रवासी मजदूर पहुंच चुके हैं। इनमें ज्यादातर मजदूर क्वारंटाइन सेंटर से गांव में भेज दिए गए हैं। वहीं, ग्रीन जोन से आए मजदूरों को क्वारंटाइन सेंटर नहीं भेजा गया। वे सीधे रेलवे स्टेशन से गांव को चले गए हैं।

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें