बिहार: कोरोना सेकंड वेव में 100 डॉक्टरों की मौत की जांच में IMA को मिली ये वजहें

Smart News Team, Last updated: Wed, 2nd Jun 2021, 5:05 PM IST
  • कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान बिहार में काफी संख्या में डॉक्टरों की मौत हो गई. इसके पीछे की वजह जानने के लिए आईएमए की बिहार ब्रांच ने पड़ताल की जिसमें कई बातें और कमिया खुलकर नजर आईं.
कोरोना सेकंड वेव में बिहार के 100 डॉक्टरों की मौत की जांच में IMA को मिली ये वजहें

पटना. बिहार में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान हजारों मरीजों की जान बचाने वाले डॉक्टर खुद ही पूरी तरह से सुरक्षित नहीं थे और ये भी एक वजह थी कि राज्य में सेकेंड वेव के दौरान करीब 100 डॉक्टरों की कोरोना से मौत हो गई. दरअसल IMA की बिहार ब्रांच ने डॉक्टरों की हुई मौतों को लेकर कमेटी बनाकर जांच शुरू की थी जिसके पूरे होने के बाद इस मामले में कई वजहें सामने आईं.

गौरतलब है कि Covid 19 की दूसरी लहर के दौरान बिहार में डॉक्टरों की मौतों का जो आंकड़ा है वो कोरोना की पहली लहर के मुकाबले तीन गुना ज्यादा रहा. इस संबंध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने 21 मई को आठ सदस्यों की एक कमेटी बनाई थी. इस कमेटी ने कोरोना से मरे डॉक्टरों के परिवारों से फॉर्म के जरिए कई तरह की जानकारियां जुटाईं थी.

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IMA अध्यक्ष डॉक्टर शहाजानंद प्रसाद सिंह ने बताया कि कोविड की ड्यूटी के दौरान जिन डॉक्टरों ने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज ली वे थोड़ा सुरक्षित थे लेकिन जो डॉक्टर सेकेंड डोज किसी वजह से नहीं ले पाए वे कोरोना का खतरा होते हुए भी लगातार ड्यूटी करते रहे. आईएमए अध्यक्ष ने कहा कि अस्पतालों में ऑक्सीजन और वेंटिलेटर्स की कमी का भी डॉक्टरों पर प्रभाव पड़ा है.

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वहीं जांच कमेटी के मेंबर डॉक्टर सुनील कुमार ने बताया कि मृतक डॉक्टरों के परिवारों को जो फॉर्म दिये गए थें उनपर प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गईं हैं. अभी तक जो कारण देखने को मिले हैं उनमें डॉक्टरों का लगातार काम करना, बेकार क्वालिटी की पीपीई किट और कई डॉक्टरों की एक वैक्सीन डोज लगवाने की वजह भी सामने आई है. डॉक्टर सुनील ने आगे बताया कि अभी कुछ और प्रतिक्रियाएं आनी बाकी हैं, एक बार सब आ जाएंगी तो उन्हें सार्वजनिक कर दिया जाएगा.

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