सृजन घोटाले में कई बैंक अधिकारियों के खिलाफ FIR, 99 करोड़ की अवैध निकासी का आरोप

Smart News Team, Last updated: Thu, 24th Dec 2020, 5:48 PM IST
  • सृजन घोटाले को लेकर पटना के भागलपुर थाने में एक और एफआईआर दर्ज हुई है. इस एफआईआर में एक एनजीओ, बैंक ऑफ बड़ौदा के तत्कालीन शाखा प्रबंधकों, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया के तत्कालीन अधिकारीयों के साथ अन्य पर प्राथमिकी दर्ज करवाया गया है.
सृजन घोटाले में दर्ज हुई एक और एफआईआर

पटना. पटना के भागलपुर थाने में सृजन घोटाले से सम्बन्धित एक और एफआईआर दर्ज की गई है. इस एफआईआर उपरिकेंद्र श्रीजन के खाते से अवैध तरीके से रुपए निकलने के समंध में हुआ. यह एफआईआर जिला कल्याण अधिकारी श्यामा प्रसाद यादव ने बुधवार की देर रत को दर्ज करवाया है. जिसमे 99.88 करोड़ रुपये अवैध तरिके से निकालने के आरोप में एक एनजीओ, बैंक ऑफ बड़ौदा के तत्कालीन शाखा प्रबंधकों, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया के तत्कालीन अधिकारीयों के साथ अन्य पर प्राथमिकी दर्ज करवाया है.

भगलपुर पुलिस ने बताया कि एससी / एसटी कल्याण विभाग के बैंक खातों से 100 करोड़ रुपये से अधिक रकम अवैध तरीके से निकालने का मामला सामने आया है. जिसके बाद डीडब्लूओ ने कोतवाली में सृजन महिला विकास सहयोग समिति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया है. वहीं इस एफआईआर के बाद अब तक इस मामले में कुल 25 एफआईआर दर्ज हो चुके है.

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सृजन घोटाले मामले में कल्याल विभाग के लेखाकार ने 2007 से 2017 के बीच कि अवधि को ऑडिट किया था. जिसमे 99.88 करोड़ रुपए का अतिरिक्त गबन का पता चला. जिसके बाद कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव ने भागलपुर डीएम प्रणव कुमार ने एक प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया. जिससे इस मामले की भी सीबीआई जाँच कराइ जा सके.

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सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड की शुरुआत गरीब और निःसहाय महिलाओ के यथान के लिए किया गया था. इसके शुरू होने के बाद 14 वर्षो में इसकी आड़ में कई घोटले किए गए. इसके खाते से 2003 से लेकर 2017 तक अवैध तरीके से धन की निकासी किया गया. जब इसकी जाँच हुई तो इस घोटाले के बारे में पता चला. जिसके बाद विभिन्न थानों में प्राथमिकी दर्ज हुई और इसे सीबीआई के हवाले कर दिया गया.

भागलपुर प्रशासन के अनुसार पहले कल्याण विभाग से जुड़े 221.60 करोड़ रुपये के घोटाले के सिलसिले में कोतवाली पुलिस ने दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की थीं. इस घोटाले में तत्कालीन डीडब्ल्यूओ रामिसवर शर्मा, रामलला सिंह, ललन कुमार और अरुण कुमार और अन्य शामिल थे.

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