बिहार में 70 फीसदी ग्राहक नहीं भरवा रहे अपना LPG गैस सिलेंडर, जानें कारण

Smart News Team, Last updated: Sun, 16th May 2021, 3:56 PM IST
  • कोरोना संक्रमण का सबसे ज्यादा असर कम आय वाले लोगों पर पड़ा है. बिहार में उज्जवला योजना के एक तिहाई ग्राहक ही गैस सिलेंडर भरवा रहे हैं. राजधानी पटना में भी 32 प्रतिशत उज्जवला ग्राहक गैस रिफिल करवा पा रहे हैं.
बिहार में जनवरी से अप्रैल के बीच 70 फीसदी उज्जवला ग्राहकों ने गैस रिफिल नहीं करवाई.

पटना. कोरोना वायरस का असर लोगों की जिंदगी पर भी पड़ रहा है. बिहार में उज्जवला योजना के 70 फीसदी गैस कनेक्शन धारक अपना सिलेंडर नहीं भरवा पा रहे हैं. सिर्फ एक तिहाई लोग ही अपना गैस सिलेंडर रिफिल करवा रहे हैं. कोरोना का सबसे ज्यादा गांवों में पड़ा है. राजधानी पटना में भी 32 फीसदी उज्ज्वला ग्राहक अपने सिलेंडर भरवा पा रहे हैं.

इस बारे में बिहार एलपीजी डिस्ट्रिब्यूटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गौतम भारद्वाज ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में उज्जवला योजना के तहत सिलेंडर रिफिलिंग कम हो रहा है. इसमें एक साथ 700 से 800 रुपए देने में गरीबों को परेशानी होती है. उन्होंने कहा कि उज्जवला योजना में रिफिलिंग के लिए सब्सिडी पहले काटकर गैस की कीमत लेना चाहिए. कई उज्जवला ग्राहक 14 किलो सिलेंडर की जगह 5 किलोग्राम सिलेंडर का इस्तेमाल कर रहे हैं.

पटना में कोरोना संक्रमित को अस्पताल बुलाकर भी नहीं किया भर्ती, एंबुलेंस में ही मौत

मिली जानकारी के अनुसार, बिहार में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत 84 लाख 83 हजार गैस कनेक्शन है. जिसमें सबसे ज्यादा 35 लाख 56 हजार इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसीएल) के हैं. इसी कंपनी के 70 फीसदी ग्राहकों ने गैस रिफिल नहीं करवाई है. जनवरी से अप्रैल के बीच आईओसीएल से 10 लाख 68 हजार उज्जवला ग्राहकों ने ही गैस सिलेंडर भरवाया है. ग्रामीण इलाकों में गैस रिफिल न कराने की वजह से लोग लकड़ी का इस्तेमाल कर रहे हैं.

बिहार में लागू हुई कोरोना लॉकडाउन की नई गाइडलाइंस, जानें क्या खुलेगा और बंद रहेगा

प्रदेश अध्यक्ष इंटक सीपी ने कहा कि पिछले साल की से ज्यादा भयावह स्थिति है. कोरोना संक्रमण से कम आय वाले लोग बुरी तरह प्रभावित हैं. उनके पास अभी लकड़ी खरीदने का पैसा नहीं है, गैस की बात तो छोड़ दीजिए. उन्होंने कहा कि पिछले साल तीन उज्जवला गैस सिलेंडर मुफ्त में दिया गया था लेकिन इस बार कुछ नहीं मिला है.

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें