EC ने चिराग व पशुपति पारस के सियासी विवाद पर लिया एक्शन, LJP का चुनाव चिह्न फ्रीज

Ankul Kaushik, Last updated: Sat, 2nd Oct 2021, 6:04 PM IST
  • लोजपा नेता चिराग पासवान व उनके चाचा और केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस के गुटों के बीच चल रहे विवाद के चलते चुनाव आयोग ने लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के चुनाव चिन्ह को फ्रीज करने का फैसला किया है. अब चिराग व पारस गुट के विवाद के निस्तारण तक कोई भी इस चुनाव चिन्ह का प्रयोग नहीं कर सकेगा.
लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) का चुनाव चिन्ह फ्रीज

पटना. चुनाव आयोग ने चिराग पासवान और उनके चाचा और केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस के गुटों के बीच तनातनी के बीच लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के चुनाव चिह्न 'बांग्ला' (हाउस) पर रोक लगा दी है. चुनाव आयोग ने चाचा भतीजे की बीच चल रही सियासी लड़ाई को देखते हुए यह एक्शन लिया है. चुनाव आयोग का यह फैसला जब आया है जब बिहार दी दो विधानसभी सीटों पर उपचुनाव होना है. चुनाव आयोग ने अंतिम फैसला आने तक दोनों गुटों से 4 अक्टूबर दोपहर 1 बजे तक अपने-अपने गुटों के लिए चुनाव चिन्ह के लिए नया नाम मांगा है.

वहीं चुनाव आयोग ने तीन विकल्प भी देने को कहा है, जिनमें से चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे. इन चुनाव चिन्ह के आने के बाद ही लोजपा के यह दोनों गुट बिहार के कुशेश्वरस्थान और तारापुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए अपने-अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतार सकते हैं. इसके साथ ही चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि दोनों गुट लोक जनशक्ति पार्टी के नाम का इस्तेमाल भी नहीं कर पाएंगे. चिराग पासवान ने चुनाव आयोग से मांग की थी कि पार्टी का चुनाव चिन्ह उनके गुट के पास रहे. चिराग को संसदीय दल के नेता के पद से हटाते हुए पशुपति पारस ने दावा किया था कि वह पार्टी को नहीं तोड़ रहे हैं बल्कि इसे बचा रहे हैं.

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बता दें कि बिहार की तारापुर विधानसभा सीट जेडीयू विधायक मेवालाल चौधरी के निधन के बाद से खाली पड़ी है. वहीं कुशेश्वरस्थान विधानसभा सीट जेडीयू विधायक शशिभूषण हजारी के निधन के बाद से खाली हैं. इन दोनों सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए कई पार्टी अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतार रही हैं. बता दें कि साल 2020 के विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान ने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने के ऐलान करते हुए एनडीए से अलग हो गए थे. इस चुनाव में उन्हें सिर्फ एक सीट पर जीती मिली थी और वह उम्मीदवार भी जेडीयू में शामिल हो गया था.

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