आखिरकार 5 साल बाद 24 को सवेरा बेगम की होगी वतन वापसी

Smart News Team, Last updated: Wed, 21st Oct 2020, 11:14 AM IST
  • 23 अक्टूबर को बेगूसराय अल्पावास गृह से पुलिस की टीम के साथ सवेरा बेगम भारत-बांग्लादेश बॉर्डर के लिए प्रस्थान करेगी. मंगलवार को बांग्लादेश में रह रही सवेरा बेगम की बहन सूफिया बेगम से विशाल दफ्तुआर ने टेलीफोन पर उन्हें इस खबर की जानकारी दी.
बांग्लादेशी महिला सवेरा बेगम की आखिरकार वतन वापसी होने जा रही है.

पटना: बेगूसराय अल्पावास गृह में 5 साल से रह रही बांग्लादेशी महिला सवेरा बेगम की आखिरकार वतन वापसी होने जा रही है. 24 अक्टूबर को मानवाधिकार कार्यकर्ता विशाल रंजन दफ्तुआर की मदद से वह अपने वतन लौट जाएगी. पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले में स्थित हरिदासपुर बेनापोल बॉर्डर से सवेरा बेगम अपने देश में प्रवेश करेगी.

23 अक्टूबर को बेगूसराय अल्पावास गृह से पुलिस की टीम के साथ सवेरा बेगम भारत-बांग्लादेश बॉर्डर के लिए प्रस्थान करेगी. मंगलवार को बांग्लादेश में रह रही सवेरा बेगम की बहन सूफिया बेगम से विशाल दफ्तुआर ने टेलीफोन पर उन्हें इस खबर की जानकारी दी. वे बॉर्डर पर अपनी बहन को लेने के लिए पहुंच रही हैं.

बता दें कि 5 साल पहले बांग्लादेश से भारत आने के दौरान सवेरा बेगम रास्ता भटककर पटना एयरपोर्ट पहुंच गई थी. वहां एक ऑटो चालक ने उन्हें नशा खिला दिया था, होश आया तो खुद को ब्रजेश ठाकुर के अल्पावास गृह में पाया. वहां उसका पासपोर्ट और वीजा रख लिया गया था. बदले में छह लाख रुपये भी मांग रहे थे. इस दौरान बालिका गृह कांड का भंडाफोड़ हो गया.

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वहीं इस पूरे मामले में ह्यूमन राइट्स अम्ब्रेला फाउंडेशन की प्रमुख भूमिका रही है. सवेरा बेगम के ट्रैवल परमिट पर बीते 29 सिंतबर को ही एचआरयूएफ के चेयरमैन ने बेगूसराय शेल्टर होम जाकर उनका हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान ले लिए थे और उसको अभिप्रमाणित भी कर दिया था.

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