बिहार चुनाव 2020: भेैंस पर चुनाव प्रचार करना उम्मीदवार को पड़ा भारी, FIR दर्ज

Smart News Team, Last updated: Mon, 19th Oct 2020, 6:13 PM IST
  • परवेज मंसूर के अनुसार वो शहर के सभी पार्टी के लोगों को इस बात के लिए अगाह करना चाहते है कि शहर में प्रदुषण का स्तर काफी बढ़ गया है जिसके चलते उन्होंने भैंस पर बैठकर प्रचार करने का फैसला लिया .
भैंस पर बैठकर चुनाव प्रचार करते गया उम्मीदवार परवेज मंसूर.

पटना. बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के गया सीट से प्रत्याशी परवेज मंसूर को भैंस पर बैठकर प्रचार करना भारी पड़ गया. उन पर कोरोना काल में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की पालना न करने और पशु क्रुरता अधिनियम के तहत एफआरआई दर्ज किया गया है. उन्हें गिरफ्तार किया गया और बाद में जमानत पर छोड़ दिया गया है. इससे पहले चुनाव आयोग ने सभी प्रत्याशीओं को हिदायत दी थी अपने चुनाव प्रचार में जानवरों का इस्तेमाल  न किया जाए. जानवरों की किसी भी प्रकार की प्रदर्शनी पर रोक लगाई जा चुकी है. 

परवेज मंसूर के अनुसार वो शहर के सभी पार्टी के लोगों को इस बात के लिए अगाह करना चाहते है कि शहर में प्रदुषण का स्तर काफी बढ़ गया है जिसके चलते उन्होंने भैंस पर बैठकर प्रचार करने का फैसला लिया . उन्होंने अन्य नेताओं पर आरोप लगाया कि एनडीए के उम्मीदवार प्रेम कुमार पिछले 30 साल से विधायक हैं वहीं कांग्रेस के उम्मीदवार मोहन श्रीवास्तव 15 साल के लिए गया के डिप्टी मेयर हैं. लेकिन में स्वच्छता मापदंड में सबसे निचले स्तर पर है.  

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सिविल लाइन के थानेदार ने परवेज मंसूर को गांधी मैदान से स्वराजपुरी रोड पर आईपीसी की धारा 269 और धारा 270 के तहत पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और सोशल डिस्टेंशिंग की अवहेलना के नाम पर उन्हें गिरफ्तार कर. मामले की जांच को करते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी हांलाकि उन्हें जमानत दी जा चुकी है.

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