भगवान राम को काल्पनिक बताने वाले जीतनराम मांझी बोले- बिहार में भी पढ़ाया जाए रामायण

MRITYUNJAY CHAUDHARY, Last updated: Tue, 21st Sep 2021, 8:07 PM IST
  • भगवान श्रीराम को काल्पनिक करार देने के बाद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हम पार्टी के अध्यक्ष जीतनराम मांझी बिहार के सिलेबस में रामायण और रामचरितमानस जोड़ने की मांग कर रहे हैं. मध्य प्रदेश में रामायण को सिलेबस में शामिल करने के ऐलान के बाद बिहार में भी यह मांग उठने लगी है.
भगवान राम को काल्पनिक बताने वाले जीतनराम मांझी बोले- बिहार में भी पढ़ाया जाए रामायण (Photo by Santosh Kumar /Hindustan Times)

पटना. मध्य प्रदेश में रामायण को सिलेबस में शामिल करने की घोषणा कर दी है. जिसके बाद अब बिहार में रामायण और रामचरितमानस कथा को सिलेबस में शामिल करने की मांग उठ रही है. इसे बिहार की सिलेबस में शामिल करने की मांग एनडीए के कई बड़े नेता कर चुके है. इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री और हम पार्टी के अध्यक्ष जीतनराम मांझी ने भगवान श्रीराम के अस्तित्व को काल्पनिक बता दिया है. उन्होंने कहा कि श्रीराम कोई जीवित और महापुरुष व्यक्ति थे. ऐसा मैं नहीं मानता हूं. 

इतना ही नहीं जीतनराम मांझी ने आगे कहा कि लेकिन रामायण में ऐसी बाते बताई गई है जी सीखने वाली है. रामायण में कुछ ऐसे श्लोक और संदेश है जिससे लोगों के बेहतर व्यक्तिगत का निर्माण हो सकता है. साथ ही उन्होंने आगे कहा कि रामायण हमें महिलाओं के सम्मान हो या बड़ो का आदर करने की बात हो, यह सही शिक्षा देती है. इसके साथ ही उन्होंने रामायण को बिहार के सिलेबस में शामिल करने की मांग करते हुए कहा कि इससे लोग शिक्षा ले सकें और अच्छी बातें सीख सके. 

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इतना ही नहीं बिहार स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने भी रामायण को बिहार के सिलेबस में जोड़ने की बात कही. उन्होंने कहा कि रामायण हमें सदियों से सही राह दिखाती आई है. हम इतिहास पढ़ते है तो रामायण भी पढ़नी चाहिए. इनके अलावा वन एवं पर्यावरण मंत्री नीरज कुमार बबलू ने रामायण को बिहार सिलेबस में जोड़ने की मांग करते हुए कहा कि स्कूलों और कॉलेजों में भगवान श्रीराम से जुड़ी सभी जानकारियां सिलेबस में शामिल किया जाना चाहिए. जिससे अधिक से अधिक लोग श्रीराम के बारे में जान सकें.

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