हाथरस केस: योगी सरकार को बदनाम करने के लिए पाकिस्तान से किए गए ट्वीट्स,जांच जारी

Smart News Team, Last updated: 12/10/2020 12:09 AM IST
  • हाथरस मामले की जांच कर रही पुलिस की टीम ने बड़ा खुलासा किया है. जांच कर रही पुलिस टीम का कहना है कि योगी आदित्यनाथ सरकार को बदनाम करने के लिए पाकिस्तान और मध्य एशिया के ट्विटर हैंडल से फर्जी ट्वीट किए गए.
हाथरस कांड की जांच कर रही पुलिस टीम ने योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ बड़ी साजिश का खुलासा किया है

लखनऊ: हाथरस घटना को लेकर पुलिस की तरफ से बड़ा खुलासा किया गया है. दरअसल सोशल मीडिया पर किए जा रहे फर्जी ट्वीट की जांच में जुटी पुलिस टीम को कई सबूत हाथ लगे हैं. हाथरस कांड को लेकर अफवाह फैलाने के लिए पाकिस्तान और मध्य एशिया के ट्विटर हैंडल से ये ट्वीट किए गए. इन फर्जी का ट्वीट का उद्देश्य उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यानाथ सरकार को बदनाम करना था. मालूम हो कि सोशल मीडिया पर हाथरस कांड को लेकर अफवाह फैलाने में पीएफआई की भूमिका का पहले खुलासा हो चुका है.

हाथरस कांड का जांच कर रहे एजेंसियों का दावा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार को बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया पर यह बड़ी साजिश रची गई थी. घटना को जातीय हिंसा का रंग देने के लिेए सोशल मीडिया पर यह साजिश रची गई थी. योगी सरकार को निशाना बनाते हुए पाकिस्तान और मध्य एशिया के देशों के ट्विटर हैंडल से बड़ी संख्या में ट्वीट गए हैं. जांच एजेंसियां अब पता लगाने में जुटी है हाथरस घटना को लेकर अफवाह फैलाने में क्या भारत में सक्रिय किसी संगठन का हाथ है.

जांज एजेंसियों का पता चला है कि इस साजिश के लिए बाकायदा फंडिंग की गई है. हाथरस के चंदमा थाने में गंभीर धारओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों हुई तो बड़ी संख्या में फर्जी एकाउंट्स बंद हो गए और नफरत फैलाने वाले झूठे ट्वीट हटा दिए गए. ये फर्जी ट्वीट्स भारत के अन्य राज्य के साथ-साथ बाहरी देशों से भी किए गए. सोशल मीडिया पर प्रचारित किया गया कि लड़की के गैंगरेप हुआ. उसकी जीभ काट ली गई है और हाथ पैर तोड़ दिए गए हैं. इसमें से कई तथ्य अभी तक की जांच में गलत पाए गए हैं. हालांकि अभी इस मामले की जांच की जिम्मेारी सीबीआई के पास चली गई है.

हाथरस केस के मामले में लखनऊ हाईकोर्ट ने डीजीपी और प्रमुख सचिव गृह सहित कई अफसरों को तलब किया है. साथ ही पीड़ित परिवार को बयान देने के लिए 12 अक्टूबर को बुलाया गया था. पीड़ित परिवार ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए लखऩऊ जाने से मना कर दिया पीड़िता के भाई का कहना है कि रात को वह लखनऊ नहीं जाएंगे. रात के समय रास्ते में उन लोगों के साथ कुछ भी हो सकता है.

 

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