बिहारः स्वास्थय विभाग के नए नियम से सैकड़ों लैब टेक्नीशियन की डिग्रियां बेकार, जानें पूरा मामला

Sumit Rajak, Last updated: Tue, 22nd Feb 2022, 12:02 PM IST
  • स्वास्थय विभाग के 3 साल पहले लिए गए फैसले के चलते भागलपुर में सैकड़ों लैब टेक्नीशियन की डिग्रियां को अवैध बताया गया है. जिसके बाद जिले में काम कर रहे 1013 टेक्नीशियन में से केवल 103 लैब टेक्नीशियन के पास ही है मान्य डिर्गी. स्वास्थय विभाग ने बनाई कमेटी.
फाइल फोटो

पटना. बिहार में स्वास्थय विभाग के एक फैसले ने भागलपुर जिले के सैकड़ों लैब टेक्नीशियन की डिग्रियां खतरे में आ गई हैं. ये पूरा मामला तीन साल पहले स्वास्थय विभाग ने एक आदेश जारी किया था, जिसके तहत जिले के सैकड़ों लैब टेक्नीशियन की डिग्रि अवेध हैं. इसके बावजूद ये टेक्नीशियन जिले के पैथोलॉजी में काम कर रहे है. बिहार कर्मचारी चयन आयोग के द्वारा लैब टेक्नीशियन पदों की काउंसिलिंग में अभ्यर्थियों को जब उस आदेश के बारे में बताया गया तो उनके होश उड़ गए. हैरानी की बात ये है कि नए नियम के बाद जिन टेक्नीशियन की डिग्रि अवेध हैं, उनके ही भरोसे जिले के 95 प्रतिशत पैथोलॉजी सेंटर चल रहे हैं.

11फरवरी 2022 को बिहार कर्मचारी चयन आयोग के सचिव ने लैब टेक्नीशियन के 256 पदों को लेकर शुरु होने वाली काउंसिलिंग को लेकर जारी पत्र में कहा कि स्वास्थय विभाग के पत्र 668 (4) दिनांक 9 मई 2019 के द्वारा डिस्टेंस एजुकेशन कोर्स को अमान्य किया गया है. जिसके बाद लैब टेक्नीशियन पद के लिए योग्यता के तहत डीएमएलटी/बीएमएलटी का प्रणाम पत्र संघ एंव अन्य राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थानों से प्राप्त करना और उक्त डिप्लोमा एंव डिग्री नियमित छात्र के तौर पर प्राप्त करना बिहार लैब टेक्नीशियन कैडर रूल्स 2019 के नये नियम स्वास्थय विभाग के अनुसार वांछनीय है.

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नए नियम के बाद अब स्वास्थय विभाग पर सवाल उठ रहा है. 9 मई 2019 को लैब टेक्नीशियन की डिग्री या डिप्लोमा सर्टिफिकेट को अमान्य मान लिया था, तो फिर ये डिर्गीधारक आखिर कैसे पैथोलॉजी सेंटर में काम कर रहे हैं. स्वास्थय विभाग ने अवैध डिर्गीधारकों को चिन्हित करने का प्रयास भी नही किया. सिविल सर्जन डॉ. उमेश शर्मा अब कहते हैं कि उन्हें इस नियम संबंधी पत्र निकलवाया जाएगा. फिर कमेटी बनाकर अवैध डिर्गीधारक लैब टेक्नीशियन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. आकड़ों के मुताबिक जिले में 768 पैथोलॉजी सेंटर में 1013 टेक्नीशियन काम कर रहे हैं. जिनमें से 103 लैब टेक्नीशियन के पास ही मान्य डिर्गी है.

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