पटना HC में डॉ राजेन्द्र प्रसाद के स्मारकों की बदहाली मामले में सुनवाई, बिहार विद्यापीठ को फटकार

Sumit Rajak, Last updated: Tue, 8th Feb 2022, 12:51 PM IST
  • डॉ राजेन्द्र प्रसाद के स्मारकों की दुर्दशा पर दायर जनहित याचिका पर सोमवार को पटना हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने विकास कुमार की इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए बिहार विद्यापीठ के सम्बन्ध में दायर हलफनामा पर असंतोष व्यक्त किया. जीरादेई स्थित डॉ राजेन्द्र प्रसाद के म्यूजियम संग्रहालय के लिए उनके निजी भूमि को राज्य सरकार को हस्तगत किये जाने के मामले में डीएम सिवान को चार दिनों के अंदर हलफनामा दायर करने का भी निर्देश है.
फाइल फोटो

पटना. पटना हाईकोर्ट ने सदाकत आश्रम स्थित बिहार विद्यापीठ की जमीन की खरीद बिक्री पर रोक लगाते हुए जमीन पर अतिक्रमण करने वालों को पूरा ब्योरा देने का आदेश दिया है. साथ ही विद्यापीठ की जमीन को लेकर चल रहे सभी मुकदमे को पूरी जानकारी देने का आदेश दिया है. मुख्य न्यायाधीश संजय करोल तथा एस कुमार की खंडपीठ ने सुनवाई की अगली सुनवाई 11 फरवरी को होगी. 

देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की समाधि स्थल, इस्मारकों को और जन्म स्थली की दुर्दशा को लेकर अधिवक्ता विकास कुमार की लोकहित याचिका पर सुनवाई होगी. कोर्ट ने बिहार विद्यापीठ की ओर से दाखिल हलफनामा पर असंतोष जाहिर किया और नए सिरे से हलफनामा दायर करने का आदेश दिया. साथ ही यहां हुए अतिक्रमण का विस्तृत ब्यौरा मांगा. अतिक्रमणकारियों के नाम, इस संबंध में विभिन्न अदालतों में सुनवाई के लिए लंबित मामलों और उनके नाम, जो इन भूमि पर दावा करते हैं. सब का ब्यौरा देना है. कोर्ट ने विद्यापीठ की जमीन से संबंधित कागजात पटना डीएम कार्यालय को हस्तगत करने का निर्देश विद्यापीठ की प्रबंध समिति को दिया है.

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पिछली सुनवाई में कोर्ट ने बांस घाट स्थित राजेंद्र प्रसाद के समाधि स्थल और बिहार विद्यापीठ के हालात का जायजा लेने के लिए याचिकाकर्ता अधिवक्ता को पटना के डीएम के साथ भेजा था. कोर्ट को वहां की वस्तुस्थिति से अवगत कराया. कोर्ट ने डीएम को समाधि स्थल के सौंदर्यीकरण और विकास की योजना पेश करने का निर्देश दिया. अदालत ने विद्यापीठ प्रबंध समिति की कार्यशैली पर नाराजगी जताई.जीरादेई स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद के संग्रहालय के लिए उनकी निजी भूमि को राज्य सरकार को हस्तगत किए जाने के मामले में सिवान डीएम को हलफनामा देने को कहा गया है. 

जीरादेई में सड़क से स्मारक स्थल तक जाने के लिए रेलवे लाइन के नीचे से भूमिगत रास्ता बनाने को डीआरएम वाराणसी को पार्टी बनाते हुए रेलवे को जीरादेई में स्थल निरीक्षण कर एक्शन प्लान बनाने का निर्देश दिया. रेलवे के अधिवक्ता सिद्धार्थ प्रसाद ने कोर्ट को बताया कि इस सिलसिले में वाराणसी रेल डिवीजन के अफसरों की अगुवाई में एक समिति गठित हो गई है.

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