JDU को झटका नहीं देगी HAM, NDA में रहकर नीतीश सरकार से अनुरोध करते रहेंगे मांझी

Smart News Team, Last updated: Wed, 2nd Jun 2021, 4:34 PM IST
  • आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद बिहार में चल रही सियासी अटकलों के बीच पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने साफ कर दिया है कि वो एनडीए में ही रहेंगे और NDA में रहकर ही नीतीश सरकार के सामने गरीब लोगों की आवाज अनुरोध के साथ उठाते रहेंगे.
पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की अध्यक्षता हम की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक हुई.

पटना. हम के एनडीए से अलग होने की अटकलों के बीच पार्टी के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने कहा कि एनडीए में रहते हुए गरीबों के मुद्दों पर नीतीश सरकार से अनुरोध करते रहेंगे. जीतन राम मांझी की अध्यक्षता में बुधवार को हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक हुई. इस मीटिंग में पूर्व सीएम ने एनडीए से अलग होने के कयासों पर विराम लगा दिया है.

हम की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में जीतनराम मांझी ने कहा कि एनडीएम में हैं और एनडीए में रहेंगे. गरीबों के मुद्दों पर हम अनुरोध पूर्वक आवाज उठाते रहेंगे. बीते दिनों से जीतनराम मांझी ट्विटर से बीजेपी पर तीखा प्रहार कर कर रहे हैं. उन्होंने टीकाकरण प्रमाण पत्र पर पीएम नरेन्द्र मोदी की फोटो पर आपत्ति जताई थी. हम की राष्ट्रीय कार्यकारिणी मीटिंग से पहले पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को उनकी सालगिरह पर बधाई दी थी.

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बिहार में जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के लिए जीतनराम मांझी की हम और मुकेश सहनी की वीआईपी का समर्थन बहुत अहम है क्योंकि दोनों में कोई एक भी नाराज हो जाए तो सरकार बहुमत रेखा पर पहुंच जाएगी. बीजेपी के 75 और जेडीयू के 43 विधायक मिलकर 117 ही होते हैं जो बहुमत 122 से पांच कम हैं. एलजेपी के इकलौते विधायक राजकुमार सिंह जेडीयू में शामिल हो चुके हैं जिनको मिलाकर 118 बनता है. मांझी और सहनी की पार्टी के 4-4 विधायक हैं जो नीतीश सरकार की जीवनरेखा हैं.

 

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