ससुराल और पत्नी से तंग पति सड़क पर किडनी बेचने निकला, पोस्टर पर छाप दी सास-साले की फोटो

Nawab Ali, Last updated: Fri, 10th Sep 2021, 11:47 AM IST
  • बिहार की राजधानी पटना में सड़क पर पोस्टर लेकर खड़े एक शख्स को देखकर हर कोई चौंक गया. बात है भी कुछ ऐसी ही, उस पोस्टर पर लिखा था कि ब्लैकमेलर सास-ससुर, पत्नी और साले की वजह से किडनी बिकाऊ है. पढ़िए पूरा मामला.
पटना में गुरुवार को एक शख्स हाथ में पोस्टर लिए दिखा जिसपर लिखा था कि पत्नी के कारण किडनी बेचने निकला है.

पटना. पटना में तीज के दिन पत्नियां अपने पति के लिए व्रत कर रही थीं वहीं राजधारी की सड़कों पर एक पति अपनी पत्नी के कारण किडनी बेचने निकला था. हाथों में पोस्टर लिए अपना दर्द बयां करता हुआ सड़क पर चल रहा था. पटना में गुरुवार को एक शख्स हाथ में पोस्टर लिए दिखा जिसपर लिखा था कि पत्नी के कारण किडनी बेचने निकला है. पोस्टर पर लिखा था- ब्लैकमेलर सास- ससुर, पत्नी और साले की वजह से किडनी बिकाऊ है. पोस्टर पर पत्नी, सास और साले की फोटो भी छपवा रखी है. साथ में किडनी खरीदने वालों को संपर्क करने के लिए अपना फोन नंबर और पता भी लिखवा दिया. 

हिन्दुस्तान स्मार्ट ने मामला समझने के लिए पोस्टर पर लिखे नंबर पर फोन किया लेकिन फोन नहीं उठा. वहीं अन्य लोगों से इस शख्स के बारे में जानकारी मिली है कि पटना के बोरिंग रोड पर ससुराल वालों के खिलाफ पोस्टर लेकर घूम रहे इस व्यक्ति का नाम संजीव कुमार है और ये पटना नहीं नालंदा जिले का रहने वाला है. संजीव का ससुराल पटना के राजा बाजार में है. जानकारी के मुताबिक उसकी पत्नी ने अपने मायके वालों के साथ मिलकर 5 साल से उसे प्रताड़ित किया और तलाक के लिए दवाब बनाया. उसका कहना है कि अब ससुराल वालों ने 10 लाख रूपये मांगे हैं जिस मांग को भरने के लिए वो अपनी किडनी बेचना चाहता हूं. 

स्विमिंग पूल में महिला कॉन्स्टेबल संग अश्लील वीडियो बनाने वाले DSP गिरफ्तार

ससुराल वालों से परेशान इस संजीव का कहना है कि वो ये पैसे भरकर आत्महत्या कर लेने का विचार कर रहा है. इस मामले में संजीव पर उसके ससुराल वालों ने भी दहेज का केस कर रखा है. संजीव बेल पर जेल से बाहर है. हालांकि संजीव का कहना है कि उसने नहीं बल्कि उसके ससुराल वालों ने पैसों की मांग की है. संजीव ने अपनी पत्नी को भी कहा है कि तलाक चाहिए तो खुद ले संजीव तलाक नहीं देंगे. 

कोरोना का लोगों पर पड़ा नकरात्मक असर, 5 फीसदी सक्रमितों को आया आत्महत्या का खयाल

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें