नीतीश के JDU में बड़ा फेरबदल, बिहार में सभी प्रकोष्ठ भंग, प्रभारियों को हटाया

Shubham Bajpai, Last updated: Wed, 17th Nov 2021, 3:15 PM IST
  • बिहार जेडीयू में बड़ा बदलाव करते हुए प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाह ने प्रदेश के सभी प्रकोष्ठों को भंग कर दिया है. साथ ही विधानसभा व लोकसभा प्रभारियों को भी उनके पद से तत्काल हटा दिया गया है. जल्द ही पार्टी में बडे़ बदलाव देखने को मिलने वाले हैं. 
JDU में बड़ा बदलाव, प्रदेश के सभी प्रकोष्ठ भंग, प्रभारियों को किया पदमुक्त

पटना. बिहार की राजनीति में बुधवार को काफी उठापटक देखने को मिली. नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड में प्रदेश स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने सभी प्रकोष्ठों को भंग कर दिया. साथ ही सभी लोकसभा व विधानसभा प्रभारियों को भी हटा दिया. इस संबंध में पार्टी ने प्रेस रिलीज जारी कर जानकारी दी.

मुख्यालय महासचिव मृत्युंजय कुमार सिंह ने इस संबंध में प्रेस रिलीज जारी करते हुए बताया कि प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के आदेश के बाद पार्टी के लोकसभा व विधानसभा प्रभारियों के साथ प्रकोष्ठों की सभी ईकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है.

शराबबंदी का उल्लंघन करने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई : नीतीश कुमार

राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद ही लगाए जा रहे थे बड़ी कार्रवाई के कयास

जेडीयू में ललन सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद से ही काफी समय से पार्टी में संगठन स्तर पर बड़ी कार्रवाई के कयास लगाए जा रहे थे. पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद ललन सिंह ने सभी प्रकोष्ठों और प्रदेश ईकाइयों की समीक्षा की थी, जिसमें काफी गड़बड़ी मिलने के बाद उन्होंने कार्रवाई के संकेत दिए. जिसके बाद अब पाार्टी प्रदेश अध्यक्ष ने कार्रवाई करते हुए प्रकोष्ठों को भंग कर दिया. अब जल्द ही नई टीम का गठन किया जाएगा.

नीतीश सरकार के 16 साल 24 नवंबर को होंगे पूरे, JDU बिहार भर में करेगी कार्यक्रम

बता दें कि बिहार की दो विधानसभा सीटों में हुए उपचुनाव में मिली जीत से जेडीयू काफी उत्साहित है. पार्टी अब मणिपुर और उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने में लगी है. पार्टी ने यूपी का जिम्मा केंद्रीय इस्पात मंत्री आरसीपी सिंह को दिया है और सिंह की भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत चल रहा है. हालांकि जेडीयू ने पहले ही स्पष्ट कर दिया कि सम्मानजनक सीटें न मिलने पर गठबंधन न करके पार्टी अकेल चुनाव लड़ेगी. साथ ही मणिपुर की जिम्मेदारी खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह संभाल रहे हैं.

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें