चरवाहा विद्यालय से शिक्षा लेने वाला जंगलराज और मंगलराज में क्या समझेगा फर्क: JDU

Smart News Team, Last updated: 12/12/2020 06:37 PM IST
  • जदयू ने तेजस्वी यादव ने निशाना साधते हुए कहा कि चरवाहा विद्यालय से सियासी शिक्षा लेने वाला अबोध बालक जंगलराज और मंगलराज में क्या फर्क समझ पाएगा. प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि जनता ने उस समय के खराब हालात को देखकर ही राजद का सत्ता से बेदखल किया.
जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर पलटवार किया.

पटना. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नीतीश सरकार पर जंगलराज के हमले के बाद जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने पलटवार करते हुए कहा कि चरवाहा विद्यालय सियासी शिक्षा लेने वाला जंगलराज और मंगलराज का फर्क क्या समझ पाएगा. वहीं जदयू प्रदेश प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि तेजस्वी यादव बताएं 15 हजार करोड़ से ज्यादा की संपत्ति के मालिक कैसे बने.  

जदयू प्रवक्ता ने पटना हाईकोर्ट की टिप्पणी की फोटो ट्वीट करते हुए कहा कि चरवाहा विद्यालय से शिक्षा और अपने सजायाफ्ता 420 पिता से राजनीतिक दीक्षा प्राप्त एक अबोध बालक जंगलराज और मंगलराज का फर्क क्या समझ पाएगा? अरे जिसे जनता आतंक राज कहती थी. उन्होंने कहा कि उसे जंगलराज की संज्ञा और किसी ने नहीं बल्कि पटना हाईकोर्ट ने पहली बार 17 जुलाई 1997 को दी थी.

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जदयू प्रवक्ता ने एक दूसरा ट्वीट करते हुए कहा कि पटना हाईकोर्ट ने 5 अगस्त 1997 को ये तक कहा था कि जंगलराज में भी कुछ नियम-कानून होते हैं लेकिन यहां तो कुछ भी नहीं है. उन्होंने तेजस्वी यादव से पूछा कि तब क्या कार्रवाई होती थी, कृपया ये बताने का कष्ट करें. वहीं जदयू प्रदेश प्रवक्ता संजय सिंह ने बयान जारी करते हुए कहा, तेजस्वी यादव बताएं कि 15 हजार करोड़ से ज्यादा की संपत्ति के मालिक कैसे बने. ये संपत्ति किस राजघराने से आई.

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जदयू प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि 1990 से 2005 तक के राज्य के हालात लोगों को अच्छी तरह से याद हैं. कैसे अपहरण के बाद फिरौती और रंगदारी टैक्स लोगों को देना पड़ता था, ये कोई नहीं भूला है. उन्होंने कहा कि जनता ने उस समय के खराब हालात का अध्ययन कर ही राजद का सत्ता से बेदखल किया.

 

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