पटना: कभी भीख मांगने वाली ज्योति आज चला रही है कैफेटेरिया, सबके लिए बनी प्रेरणा

Ruchi Sharma, Last updated: Mon, 24th Jan 2022, 11:32 AM IST
  • पटना जंक्शन पर भीख मांगने वाली ज्योति अपनी मेहनत से ना सिर्फ मैट्रिक पास की बल्कि पढ़ाई के साथ कैफेटेरिया भी चला रही है. 12वीं में पढ़ने वाली ज्योति आशियाना दीघा रोड में लेमन कैफे चला रही है. कभी भीख मांग कर गुजारा करने वाली ज्योति आज कई लड़कियों की प्रेरणा है.
आशियाना दीघा रोड में लेमन कैफे चला रही ज्योति

सविता, पटना. मजबूरी क्या कुछ नहीं कराती, लेकिन जब यहीं मजबूरी आपकी हिम्मत बन जाए तो क्या कुछ मुमकिन नहीं है. कहा जाता है 'मन में अगर कुछ कर गुजरने का जज्बा है तो हर मुश्किल आसान हो जाती है' ऐसा ही कुछ कर दिखाया है पटना जंक्शन पर भीख मांगने वाली ज्योति ने. 19 साल की ज्योति ने अपनी मेहनत से ना सिर्फ मैट्रिक पास की बल्कि पढ़ाई के साथ कैफेटेरिया भी चला रही है. 12वीं में पढ़ने वाली ज्योति आशियाना दीघा रोड में लेमन कैफे चला रही है. कभी भीख मांग कर गुजारा करने वाली ज्योति आज कई लड़कियों की प्रेरणा है. कैफिटेरिया से अच्छा वेतन मिलता है. जिससे वह खुद का खर्चा उठाती है और पढ़ाई भी करती है.

ज्योति को यह भी नहीं पता है कि उसके माता पिता कौन है. स्टेशन पर भीख मांगने वाली दंपती को मिली थी. बड़ी होने पर उनके साथ भीख मांग की थी और कचरा बिनती थी. गरीबी की वजह से ज्योति की पढ़ाई भी नहीं हो पाई, लेकिन जिस मां ने उसे पाला जब उसकी मौत हो गई तो जिला प्रशासन ने वहां से उसे रैंबो राजवंशी नगर में रख दिया. वहीं पर ज्योति ने पढ़ाई की और मैट्रिक की परीक्षा दी. अच्छे नंबरों से पास भी हुई. इसके बाद उपेंद्र महारथी संस्थान में मधुबनी पेंटिंग का प्रशिक्षण भी मिल गया.

अच्छी कलाकार भी है ज्योति

ज्योति एक अच्छी कलाकार बन गई. उसकी मेहनत और लगन देखकर एक कंपनी में कैफेटेरिया चलाने का काम दिया. ज्योति अकेले ही कैफेटेरिया चलाती हैं. ज्योति कहती हैं कि सुबह से रात तक कैफेटेरिया चलाते हैं. खाली समय में पढ़ाई करती हैं. पहले शेल्टर होम में रहती थी लेकिन अब अपने पैसे से किराए का मकान लेकर रहती हैं. आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए मुक्त विद्यालय से पढ़ाई कर रही हैं. यह बताती है कि वे आगे मार्केटिंग के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती है.

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