फसल नुकसान भरपाई को कृषि इनपुट अनुदान लेने के लिए अनिवार्य नहीं भूमि लगान रसीद

Smart News Team, Last updated: Thu, 14th Jan 2021, 8:02 PM IST
  • बिहार के कृषि व सहकारिता मंत्री अमरेन्द्र प्रताप सिंह ने कृषि इनपुट अनुदान के लिए अद्यतन भूमि लगान रसीद की अनिवार्यता खत्म कर दी, मंत्री अमरेन्द्र प्रताप सिंह ने साथ ही ये भी घोषणा की, कि इस पात्रता के अधार पर जिन किसानों के आवेदन रद्द कर दिये गये हैं उसपर पुनर्विचार किया जाएगा.
फसल नुकसान भरपाई को कृषि इनपुट अनुदान लेने के लिए अनिवार्य नहीं भूमि लगान रसीद

पटना: साल दूसरा सप्ताह बिहार के किसानों के लिए तब खुशखबरी लेकर आया जब बिहार के 17 जिलों के किसानों को इनपुट अनुदान के लिए बिहार के कृषि व सहकारिता मंत्री अमरेन्द्र प्रताप सिंह ने कृषि इनपुट अनुदान के लिए अद्यतन भूमि लगान रसीद की अनिवार्यता खत्म कर दी, मंत्री अमरेन्द्र प्रताप सिंह ने बुधवार को इसकी घोषणा की. साथ ही ये भी घोषणा की, कि इस पात्रता के अधार पर जिन किसानों के आवेदन रद्द कर दिये गये हैं उसपर पुनर्विचार किया जाएगा. 

उन्होंने कहा कि बरसात में आई बाढ़ के कारण राज्य के 17 जिलों में हुई फसल क्षति की भरपाई करने हेतु किसानों को कृषि इनपुट अनुदान दिया जाना है. इसके लिए किसानों से ऑनलाइन आवेदन लिये गये हैं. आवेदनों का सत्यापन किया जा रहा है. सत्यापन के क्रम में कई जिलों के किसानों से ऐसी सूचनाएं प्राप्त हो रही थी.  कि उनके पास भूमि का अद्यतन लगान रसीद नहीं रहने के कारण उनके आवेदन को अस्वीकृत किया जा रहा है. इसपर विचार के बाद यह निर्णय लिया गया है कि कृषि इनपुट अनुदान के लिए वर्ष 2018-19, 2019-20 एवं 2020-21 के भूमि लगान रसीद की अनिवार्यता नहीं होगी. मात्र भूमि रसीद की जांच आवश्यक होगी. मंत्री ने कहा कि इस संबंध में विभाग ने यह निर्णय लिया है कि अद्यतन भूमि लगान रसीद के आधार पर जिन किसानों का आवेदन अस्वीकृत किया गया है, उन किसानों के आवेदन का फिर से सत्यापन होगा. अद्यतन भूमि लगान रसीद के आधार पर किसी भी किसान का आवेदन अस्वीकृत नहीं किया जायेगा.

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राज्य में बाढ़ से लगभग साढ़े चार लाख हेक्टेयर में खरीफ फसल का नुकसान हुआ था. लिहाजा, बाढ़ से प्रभावित किसानों को लगभग पांच सौ करोड़ रुपये का भुगतान कृषि इनपुट अनुदान के रूप में किया जाना है. आपदा प्रबंधन विभाग उन्हीं किसानों को इनपुट अनुदान देता है जिनके उत्पादन में कम से कम 33 प्रतिशत का नुकसान होने का अनुमान हो.

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आपदा प्रबंधन का प्रावधान

12 हजार 200 रुपए प्रति हेक्टेयर फसल वाली खेत में तीन फीट बालू जमा होने पर

39 हजार प्रति हेक्टेयर जमीन की व्यापक क्षति होने पर

6800 रुपए प्रति हेक्टेयर असिंचित क्षेत्र में फसल नष्ट होने पर

13 हजार 500 प्रति हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र में फसल नष्ट होने पर

18 हजार प्रति हेक्टेयर पेरेनियल (सलाना) फसल में

 

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