विधान पार्षद हरिनारायण चौधरी का हुआ निधन, पटना के निजी अस्पताल में तोड़ा दम

Smart News Team, Last updated: Sat, 1st May 2021, 3:16 PM IST
विधान पार्षद हरिनारायण चौधरी का शुक्रवार रात निधन हो गया. उन्होंने इलाज के दौरान पटना के एक निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया. शनिवार सुबह बूढ़ी गंडक नदी किनारे स्थित मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया. उनके निधन पर कई सामाजिक और राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ताओं ने शोक जताया है.
विधान पार्षद हरिनारायण चौधरी का शुक्रवार रात निधन हो गया.

पटना. भाजपा के विधान पार्षद हरिनारायण चौधरी की शुक्रवार को मौत हो गई. बीमार होने के कारण उन्हें पटना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां शुक्रवार रात करीब 11 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया.इसके बाद रात में ही परिजनों द्वारा पटना से समस्तीपुर के बंगाली टोला स्थित आवास पर उनके पार्थिव शरीर को लाया. शनिवार को बूढ़ी गंडक नदी के किनारे स्थित मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया. उनके बड़े बेटे अरुण चौधरी ने उन्हें मुखाग्नि दी.

आपको बता दें कि शनिवार सुबह में उनके निधन की जानकारी मिलते ही सामाजिक और राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई. भाजपा के राष्ट्रीय परिषद के सदस्य रामसुमरन सिंह, पूर्व सांसद और जदयू की जिला अध्यक्ष अश्वमेध देवी, जदयू के प्रदेश महासचिव डॉ दुर्गेश राय, जिला परिषद अध्यक्ष प्रेमलता, जदयू नेता धर्मेंद्र शाह आदि ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. विधान पार्षद के छोटे बेटे तरुण कुमार ने बताया कि उनके पिता कोरोना की एंटीजन और आरटीपीसीआर जांच में निगेटिव मिले थे लेकिन उनके फेफड़े में डॉक्टर ने संक्रमण बताया था. जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए पटना के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

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बताते चलें कि हरिनारायण चौधरी दो बार नगर निकाय कोटे से विधान परिषद के सदस्य चुने गए थे. पहली बार 2003 और और दूसरी बार 2015 में हुए चुनाव में उन्होंने जीत दर्ज की थी. 2015 में वे बिहार में सबसे अधिक मतों से जीत हासिल करने वाले उम्मीदवार थे. वे तीन बार समस्तीपुर नगर परिषद के चुनाव में वार्ड पार्षद भी चुने गए थे. इसके अलावा एक बार वे उप सभापति भी रहे थे. इसके अतिरिक्त विधान पार्षद हरिनारायण चौधरी की शहर के बड़े व्यवसायी के रूप गिनती होती थी. होटल और रेस्टोरेंट के अलावा उनके कई व्यवसाय और थे.

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