रामविलास की जयंती पर 'पासवान' बुक लांच, आज चिराग हाजीपुर से ‘आशीर्वाद यात्रा’ निकालेंगे

Smart News Team, Last updated: Mon, 5th Jul 2021, 11:30 AM IST
  • दिल्ली में लोक जनशक्ति पार्टी के सांसद चिराग पासवान ने अपने पिता व लोजपा के संस्थापक रामविलास पासवान की जयंती पर 'पासवान' नाम से बुक लांच किया. इसके बाद वह दिल्ली से बिहार में हाजीपुर से ‘आशीर्वाद यात्रा’ निकालने के लिए रवाना हो गए.
रामविलास पासवान की जयंती पर दिल्ली में बुक लांच के दौरान चिराग पासवान

पटना. लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) में चिराग पासवान और उनके चाचा पशुपति पारस के बीच जारी राजनीतिक विरासत की लड़ाई के बीच आज चिराग ने पासवान अपने पिता राम विलास पासवान की जयंती पर हाजीपुर से ‘आशीर्वाद यात्रा’ शुरू निकालेंगे. रामविलास पासवान की जयंती पर दिल्ली में उन्होंने अपनी मां के साथ 'पासवान' नाम से बुक लांच किया है.

चिराग पासवान ने कहा कि आज हाजीपुर से मैं 'आशीर्वाद यात्रा' की शुरुआत कर रहा हूं। ये यात्रा बिहार के हर ज़िले से होती हुई गुजरेगी. इसका एक ही लक्ष्य है, सबके पास जाना और आशीर्वाद लेना. मुझे किसी को ताकत दिखाने की जरूरत नहीं है. ये यात्रा मैं अपनी संतुष्टि के लिए निकाल रहा हूं.

चिराग पासवान की ‘आशीर्वाद यात्रा’ पर उनके चाचा पशुपति पारस ने नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि क्या उनके पिता की जयंती श्रद्धांजलि देने या लोगों का आशीर्वाद लेने का अवसर है. चिराग को अपने संसदीय क्षेत्र जमुई में राम विलास की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित करना चाहिए. दरअसल, लोजपा के संस्थापक दिवंगत राम विलास पासवान हाजीपुर लोकसभा सीट से कई बार सांसद चुने गए थे. वर्तमान में इस सीट से चिराग के चाचा पशुपति पारस सांसद हैं. वहीं, चिराग जुमई सीट से लोकसभा सांसद हैं.

चिराग पासवान की इस यात्रा पर बीजेपी की खास नजर रहेगी. माना जा रहा है कि इस आशीर्वाद यात्रा से बीजेपी तय करेगी कि रामविलास पासवान का असली वारिस कौन है. इस यात्रा का असर केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार पर पड़ेगा. दरअसल, राम विलास पासवान का जब निधन हुआ था तब वह केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री थे. उनके निधन के बाद से ही मंत्री का यह पद खाली है. मंत्री का यह पद लोजपा के कोटे का है. ऐसे में बीजेपी किसी लोजपा नेता को ही इस पद पर मंत्री बनाना चाहती है, लेकिन लोजपा में टूट के वजह से बीजेपी यह फैसला नहीं ले पाई. माना जा रहा है कि चिराग की इस यात्रा से बीजेपी राम विलास पासवान के राजनीतिक वारिस कौन हैं, यह तय करेगी.

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