बिहार के नौजवान अंतरष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कर रहे- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला

Swati Gautam, Last updated: Thu, 17th Feb 2022, 6:42 PM IST
  • लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को बिहार विधानसभा के सेंट्रल हाल में विधान मंडल सदस्यों के लिए आयोजित प्रबोधन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश मे सबसे ज्यादा अधिकारी बिहार के, कोटा में सबसे ज्यादा स्टूडेंट बिहार के, आज बिहार के नौजवान पूरे देश मे अंतरष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कर रहे हैं.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और अध्यक्ष विजय कुमार सिंहा व मुख्यमंत्री नितीश कुमार व तेजस्वी यादव

पटना. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला गुरुवार को पटना आए और बिहार विधानसभा के सेंट्रल हाल में विधान मंडल सदस्यों के लिए आयोजित प्रबोधन कार्यक्रम को संबोधित किया. लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रबोधन को संबोधित करते हुए कहा कि देश मे सबसे ज्यादा अधिकारी बिहार के, कोटा में सबसे ज्यादा स्टूडेंट बिहार के, आज बिहार के नौजवान पूरे देश मे अंतरष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कर रहे हैं. इस मौके पर राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत दोनों उप मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया.

विधानमंडल के सेंट्रल हॉल में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रबोधन को संबोधित करते हुए कहा कि विधायकों-सांसदों को जनता के काम के प्रति निरंतर सक्रिय रहना चाहिए. जो भी प्रतिनिधि ऐसा करेंगे उन्हें जनता बार-बार सदन में भेजेगी. ऐसा नहीं करने वालों को सदन में आने का मौका नहीं भी मिलेगा. वहीं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा में हमने संवैधानिक संस्थाओं को सशक्त किया है, संसदीय लोकतंत्र को मजबूत किया है तथा विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है.

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बिहार विधानसभा के सेंट्रल हाल में विधान मंडल सदस्यों के लिए आयोजित प्रबोधन कार्यक्रम

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद एवं विधानमंडलों की महत्वता को बताते हुए कहा कि संसद एवं विधानमंडलों को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक है कि जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहें तथा उनकी आशाओं और अपेक्षाओं को विधानमंडलों के माध्यम से पूर्ण कर सकें. सदन की गरिमा और मर्यादा को बनाए रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है. हम कार्यपालिका को उतना ही अधिक जवाबदेह बना पाएंगे और सरकार में पारदर्शिता ला सकेंगे. सदन में चर्चा होती रहनी चाहिए. कोई भी कानून बनाते समय चर्चा होनी चाहिए. अपनी बातों को तर्कों के आधार पर रखना चाहिए. कोई भी कानून बनाते समय चर्चा होनी चाहिए.

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रबोधन को संबोधित करते हुए आगे कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों के आचरण से ही सदन की गरिमा और मर्यादा बनती है. हम सदन की जितनी गरिमा और मर्यादा बनाए रखेंगे, इसे जितना अधिक चर्चा और संवाद का केंद्र बनाएंगे, उतने ही इसके सुपरिणाम आएंगे. उन्होंने आगे कहा कि आज जब हम देश की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं, ऐसे में हमें पुनः चिंतन और मंथन करने की आवश्यकता है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को किस प्रकार जनता के प्रति और अधिक जवाबदेह बनाया जाए.

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