बिहार के सरकारी अस्पतालों में महिलाओं को नहीं मिल रहे सैनिटरी पैड, ये है वजह

Smart News Team, Last updated: Tue, 3rd Aug 2021, 6:03 PM IST
  • बिहार के सरकारी अस्पतालों में बच्चे को जन्म देने वाली महिलाओं को डिलिवरी के बाद सेनेटरी पैड नहीं मिल रहे हैं. प्रसूति महिलाओं के परिवार को खुद से खरीद कर सेनेटरी पैड लाने पड़ रहे हैं. सिविल सर्जन ने कहा कोरोना संक्रमण के कारण बीएमएसआईसीएल की तरफ से सेनेटरी पैड की सप्लाई नहीं हो रही है.
बिहार के सरकारी अस्पतालों में महिलाओं को नहीं मिल रहे सैनिटरी पैड, ये है वजह

पटना. बिहार के सरकारी अस्पतालों से एक चौंकाने वाला मामला आया है. दरअसल सभी सरकारी अस्पतालों में बच्चे को जन्म देने वाली प्रसूति महिलाओं को डिलिवरी के बाद से सेनेटरी पैड उपलब्ध कराना अस्पतालों के लिए अनिवार्य है लेकिन बिहार के सरकारी अस्पतालों में सेनेटरी पैड नहीं दिए जाने की खबर सामने आई है. कहा जा रहा है कि अस्पताल में प्रसूति महिलाओं के परिवार को खुद से खरीद कर सेनेटरी पैड लाना पड़ रहा है.

इस खबर को लेकर सिविल सर्जन डॉ. विभा सिंह बताती हैं कि कई सालों से बीएमएसआईसीएल (Bihar Medical Services and Infrastructure Corporation Limited) की ओर से सेनेटरी पैड की सप्लाई नहीं की जा रही है. यही कारण है कि अस्पतालों तक सेनेटरी पैड नहीं पहुंच पा रहे हैं. उन्होंने बताया कि देश में कोरोना संक्रमण बढ़ने की वजह से सेनेटरी पैड भी बटने बंद हो गए जिसके कारण अस्पतालों में सेनेटरी पैड नहीं हैं. उन्होंने कहा कि दो महीने पहले किशोरी स्वास्थ्य योजना और जननी सुरक्षा योजना में सेनेटरी पैड दिया गया है.

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माहवारी के दौरान महिलाओं को स्वच्छता का बेहद ध्यान रखना होता है जिसके लिए सेनेटरी पैड इस्तेमाल किए जाते है खासतौर पर बच्चे के जन्म के बाद सेनेटरी पैड का इस्तेमाल बेहद आवश्यक हो जाता है क्योंकि कोई महिला बच्चे को जन्म देने के बाद सेनेटरी पैड की जगह कपड़े या अन्य उपायों के इस्तेमाल करेगी तो इससे संक्रमण फैलता है साथ टांका टूटने का भी डर रहता है. डॉक्टर्स का कहना है कि प्रसूति महिलाओं के गर्भाशय में होने वाले संक्रमण से बचने के लिए और कई महिलाओं का एपिसियोटोमी टांका को संक्रमण से बचाने के लिए स्वच्छता जरूरी है लेकिन बिहार के सरकारी अस्पतालों में प्रसूति महिलाओं को यह सुविधा ही नहीं दी जा रही है.

आए दिन सरकार की और से माहवारी स्वच्छता को लेकर अभियान चलाए जाते हैं जिनमें महिलाओं को सेनेटरी पैड का इस्तेमाल करने के लिए जागरूक किया जाता है. साथ ही बताया जाता है कि माहवारी के दौरान स्वच्छता नहीं रखने वाली 0.8 प्रतिशत महिलाएं गर्भाशय कैंसर की शिकार हो जाती हैं इसे बावजूद बिहार के सरकारी अस्पतालों में सेनेटरी पैड ही उपलब्ध न होना प्रसूति महिलाओं के लिए एक बड़ी समस्या है.

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