अदरक, हल्दी और अनारदाना से बनी दवा देगी कोरोना को मात, ICMR से मिलेगी मंजूरी

Smart News Team, Last updated: Fri, 11th Jun 2021, 8:47 PM IST
  • पटना एम्स के डाक्टरों ने हल्दी, अदरक और अनारदाना के अर्क से बनी फाइटोरिलीफ-सीसी नाम की दवा का परीक्षण कर कोरोना को हराने के लिए इसके उपयोग को मंजूरी दे दी है. हालांकि इसके बारे में पटना एम्स का कहना है कि अभी इस दवा के लिए आइसीएमआर की अनुमति का इंतजार है.
अदरक, हल्दी और अनारदाना से बनी दवा देगी कोरोना को मात. (प्रतिकात्मक फोटो)

पटना। कोरोना संक्रमित मरीज जो होम आइसोलेशन में रह कर अपना इलाज कर रहे हैं, उनके लिए पटना एम्स की तरफ से बड़ी खुशखबरी आई है. पटना एम्स के डाक्टरों ने हल्दी, अदरक और अनारदाना के अर्क से बनी फाइटोरिलीफ-सीसी नाम की दवा का परीक्षण कर कोरोना को हराने के लिए इसके उपयोग को मंजूरी दे दी है. इस दवा के ट्रायल में यह पाया गया है कि जिन मरीजों में कोरोना वायरस के हल्के लक्षण होने पर वह होम आइसोलेशन में रह रहे हैं, उनके लिए ये दावा सफल साबित हुई. हालांकि इसके बारे में पटना एम्स का कहना है कि अभी इस दवा के लिए आइसीएमआर की अनुमति का इंतजार है.

जानकारी के मुताबिक पटना एम्स में फाइटोरिलीफ-सीसी नाम की एक दवा का कोविड 19 के दौरान तकरीबन 100 लोगों पर क्लिनिकल ट्रायल किया गया. इस दवा के इस्तेमाल से होम क्वारंटीन में रह रहे 83 प्रतिशत कोरोना संक्रमित मरीज केवल 10 दिनों में स्वस्थ हो गए. आम कोविड दवा का इस्तेमाल करने वाले 25 मरीजों में 8 मरीज ठीक हो गए वहीं इस दवा के इस्तेमाल से 25 मरीजों में से 10 मरीज स्वस्थ हो गए. इसी संबंध में पटना एम्स के डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट सह एडिशनल प्रोफेसर डॉ. योगेश कुमार ने कहा कि सौ रोगियों पर किए गए अध्ययन में यह साबित हुआ है कि फाइटोरिलीफ-सीसी नामक दवा न केवल रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है, बल्कि कोरोना संक्रमितों को जल्द स्वस्थ करने में भी मददगार है.

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डॉ योगेश ने कहा कि परीक्षण में पाया गया कि जिन संक्रमितों को मानक के अनुरूप दवा के साथ इसे दिया गया, उनमें संक्रमण तेजी से घटा. इस दवा को लेने वालों में एक्यूट इन्फ्लेमेशन, फेफड़ों को नुकसान आदि की जानकारी देने वाले सीआरपी जैसी जांच की रिपोर्ट भी बेहतर रही. इस दवा की एक-एक टैबलेट सुबह, दोपहर व शाम को चूसकर लेना रोगियों के लिए काफी फायदेमंद रहा.

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उन्होंने बताया कि यह पहले से बनाई हुई दवा है. जिसमें अनार के दानें, हल्दी और अदरक से फैटोरिल निकाल लिया गया है. फिर इस दवा को तीनों के फैटोरियल मिलाकर बनाया गया है. यह काफी कारगर दवा है और इससे मरीजों में इम्युनिटी बढ़ाने के साथ-साथ सर्दी खासी और बुख़ार जैसे बीमारी पर बेहतरीन प्रभाव डालता है. इसका ट्रायल होम आइसोलेशन में रहे मरीजों पर पर किया गया जिसमें बेहतर रिजल्ट भी आए हैं.

डॉ. योगेश ने कहा कि हल्दी, अदरक और अनारदाना को सदियों से उनके एंटी वायरल गुणों के लिए जाना जाता है. सर्दी, खांसी, खरास व बुखार के लिए एक कंपनी ने सात वर्ष पूर्व यह दवा बनाई थी और अमेरिका व ब्रिटेन में इसका पेटेंट ले रखा है. कोरोना के हल्के व मध्यम लक्षणों में इस फाइटोरिलीफ-सीसी दवा को उपयोगी बताते हुए कंपनी ने मुफ्त वितरण की बात कही थी.

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